मुकेश के बड़े भाई युकेश चंद्राकर ने किए खुलासे
By Chhattisgarh BUREAU, Newsfirst24.in
Published: December 04, 2025, 03:49 PM
This is why Chhattisgarh journalist Mukesh Chandrakar was murdered

छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बनाने वाले, न्यूज़ 18 छत्तीसगढ़ और बस्तर जंक्शन जैसे प्रसिद्ध यूट्यूब चैनलों से जुड़े रहे, और हाल ही में एनडीटीवी से जुड़ने वाले मुकेश चंद्राकर का इस प्रकार से जाना न केवल पत्रकारिता जगत बल्कि पूरे समाज के लिए एक गहरी क्षति है। उनकी हत्या क्यों की गई थी अब इस पर से पर्दा उठ रहा है। उन्हें लगाता धमकियां मिल रही थी।
मुकेश चंद्राकर, जिनका नाम निर्भीकता और साहस का पर्याय बन चुका था, पिछले दो दिनों से लापता थे। उनका शव बीजापुर जिले में एक सड़क ठेकेदार के घर के पीछे स्थित सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के एसपी स्वयं घटनास्थल पर मौजूद हैं और जांच जारी है।
पत्रकारिता में साहस की मिसाल
मुकेश चंद्राकर ने अपनी रिपोर्टिंग से माओवाद प्रभावित क्षेत्रों की सच्चाई को देश और दुनिया के सामने लाने का काम किया। माओवादी शिविरों में घुसकर रिपोर्टिंग करना हो या माओवादियों के कब्जे से जवानों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करना—मुकेश भाई हर मोर्चे पर डटे रहे। उनकी कलम ने न केवल बस्तर की समस्याओं को उजागर किया, बल्कि कई बार जनता के हक के लिए लड़ाई का माध्यम भी बनी।

हाल ही में, उन्होंने बीजापुर जिले में सड़क निर्माण में हो रहे बड़े भ्रष्टाचार को उजागर किया था। उनकी रिपोर्ट के बाद राज्य सरकार ने इसकी जांच के आदेश दिए थे। अब, उनकी हत्या का यह क्रूर कृत्य कई सवाल खड़े करता है.. किसी सच बताने वाले से इतनी नफरत इतनी हिंसा के कई लोगो ने मिलकर ही उस जाबाज को दबोचा होगा उसकी निर्मम हत्या की और गड्ढे मे गाड़ दिया इतना ही नहीं यह जघन्य अपराध छिपाने के लिए वही पर सीमेंट से सेप्टक टैंक बनाया गया.. इससे साफ होता है.. हमारे इस शेर को मारने मे कई दर्जनों कुत्ते शामिल जरूर होंगे.. जिन्हे ढूंढना और सजा दिलाना प्रशासन का काम है !
मुकेश के बड़े भाई युकेश चंद्राकर ने किया खुलासा
पुलिस ने तुरंत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मुकेश के बड़े भाई युकेश चंद्राकर भी एक पत्रकार हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि मुकेश ने हाल ही में एक सड़क निर्माण परियोजना में अनियमितताओं पर रिपोर्ट की थी। इस रिपोर्ट के बाद मुकेश को धमकियां मिल रही थीं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इसी रिपोर्टिंग के कारण उनकी हत्या की गई।
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साहसिक पत्रकार की निर्मम हत्या
मुकेश भाई का जीवन संघर्षों और साहस की गाथा रहा है। बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में, जहां सच को सामने लाने के लिए जान दांव पर लगानी पड़ती है, उन्होंने बिना किसी भय के काम किया। उनकी हत्या न केवल दुखद है, बल्कि यह लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता पर भी बड़ा आघात है।
नमन उस जांबाज को

मुकेश चंद्राकर जैसे पत्रकार विरले ही होते हैं, जो निडर होकर अपने कर्तव्य का पालन करते हैं। उनके जाने से जो खालीपन पैदा हुआ है, उसे भर पाना असंभव है। ऐसे साहसी और ईमानदार पत्रकार को हमारा विनम्र नमन।
बस्तर और पत्रकारिता जगत ने आज अपना एक सच्चा प्रहरी खो दिया। उनके साहस और योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। न्याय की उम्मीद और उनके सपनों को जीवित रखने का संकल्प आज हम सभी के कंधों पर है। एक खबरी को दुसरे खबरी की ओर से खबर रूपी श्रद्धांजलि और आदराजली अर्पित..
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला
पुलिस ने तुरंत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मुकेश के बड़े भाई युकेश चंद्राकर भी एक पत्रकार हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि मुकेश ने हाल ही में एक सड़क निर्माण परियोजना में अनियमितताओं पर रिपोर्ट की थी। इस रिपोर्ट के बाद मुकेश को धमकियां मिल रही थीं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इसी रिपोर्टिंग के कारण उनकी हत्या की गई।















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