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 मध्यप्रदेश ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2025: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे शुभारंभ, भोपाल बनेगा औद्योगिक हब

 मध्यप्रदेश ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2025: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे शुभारंभ, भोपाल बनेगा औद्योगिक हब

By BHOPAL BUREAU, Newsfirst24.in

Published: February 23, 2025, 09:01 PM

 मध्यप्रदेश ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2025: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे शुभारंभ, भोपाल बनेगा औद्योगिक हब

Madhya Pradesh Global Investors Summit 2025: Prime Minister Modi will inaugurate it, Bhopal will become an industrial hub

भोपाल, 24-25 फरवरी 2025: मध्यप्रदेश ‘अनंत संभावनाओं’ के उद्देश्य के साथ इन्वेस्ट मध्यप्रदेश – ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2025 की मेजबानी के लिए तैयार है। पहली बार भोपाल में हो रही यह ऐतिहासिक समिट निवेश और औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिखेगी।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल में इस दो दिवसीय समिट का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर वे मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों का अनावरण करेंगे और निवेशकों को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में 18 से अधिक नई नीतियों का अनावरण किया जाएगा, जिनमें औद्योगिक, स्टार्टअप, एमएसएमई, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, फिल्म निर्माण, खाद्य और निर्यात नीति शामिल हैं।

वैश्विक निवेशकों की भागीदारी

  • 25,000+ पंजीकरण | 50+ देशों के 100+ प्रतिनिधि
  • प्रमुख उद्योगपतियों में कुमार मंगलम बिड़ला, गौतम अडानी, नादिर गोदरेज, पिरुज खंबाटा, बाबा एन कल्याणी, राहुल अवस्थी, नीरज अखौरी शामिल होंगे।

 जर्मनी, जापान, कनाडा, पोलैंड के साथ विशेष निवेश सत्र होगा

 मध्यप्रदेश ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2025: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे शुभारंभ, भोपाल बनेगा औद्योगिक हब🔹 अग्रणी उद्योग: कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, आईटी, टेक्सटाइल, खनन, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन, शहरी विकास। 🔹 सहभागी देश: जर्मनी, जापान, कनाडा, पोलैंड के साथ विशेष निवेश सत्र। 🔹 तकनीकी नवाचार: एआई, डिजिटल परिवर्तन, ग्रीन हाइड्रोजन, स्मार्ट सिटी, स्टार्टअप और एमएसएमई विकास। 🔹 विशेष शिखर सम्मेलन: नवीकरणीय ऊर्जा, कौशल विकास, ऑटोमोबाइल, फार्मा, खाद्य और भंडारण।

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समापन समारोह: 25 फरवरी

समिट के दूसरे दिन केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह मुख्य संबोधन देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। प्रवासी भारतीय सत्र में विदेशी निवेशकों और भारतीय प्रवासियों को जोड़ा जाएगा।

गृह मंत्री श्री शाह करेंगे 25 फरवरी को जीआईएस का समापन

जीआईएस के दूसरे दिन, 25 फरवरी को समापन में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन राज्य के विकास के संदर्भ में भविष्य की रूपरेखा पर प्रकाश डालेंगे। इसके बाद ‘मध्यप्रदेश – अनंत संभावनाएं’ नामक वीडियो की प्रस्तुति होगी, जिसमें राज्य की विशाल क्षमता और अवसरों को प्रदर्शित किया जाएगा। प्रमुख उद्योगपति सभा को संबोधित कर अपना विजन और अनुभव साझा करेंगे। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का मुख्य संबोधन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी संबोधित करेंगे। दो दिवसीय निवेश शिखर सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग और प्रदेश के औद्योगिक निवेश संभावनाओं पर परस्पर चर्चा करेंगे।

प्रदर्शनियाँ और नेटवर्किंग:

B2B और B2G मीटिंग्स: निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए सीधा संवाद।
एक्सपो और प्रदर्शनियाँ: ऑटो एक्सपो, टेक्सटाइल एक्सपो, डिजिटल अनुभव जोन, ओडीओपी विलेज। ✅ एमपी डिजिटल एक्सपीरियंस ज़ोन: मध्यप्रदेश की औद्योगिक और सांस्कृतिक विरासत का वर्चुअल अनुभव।

25 हजार से अधिक पंजीकरण प्राप्त हुए हैं

समिट में सहभागिता के लिए 25 हजार से अधिक पंजीकरण प्राप्त हुए हैं। इनमें 50 से अधिक देशों के 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि भोपाल आ रहे है। इसमें राजदूत, उच्चायुक्त और महावाणिज्य दूत शामिल हैं। समिट में व्यापक पैमाने पर भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश ने देश-दुनिया के निवेशकों को आकर्षित किया है।

विभागीय शिखर सम्मेलन: नवीनीकृत मध्यप्रदेश शिखर सम्मेलन, ‘कुसुम’ परियोजनाओं के लिए हस्ताक्षरित पॉवर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए), लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) वितरण और बीईएसएस परियोजना के साथ मुरैना सौर पर पूर्व-बोली बैठकों सहित हरित ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

टेक-इन्वेस्ट समिट: यह समिटराज्य को टेकसंचालित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में संभावनाओं को उजागर करेगा, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट शहरों और डिजिटल परिवर्तन पर चर्चा होगी, जिसमें एक समर्पित एआई और आईटी स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन नीति का शुभारंभ होगा।

एमएसएमई और स्टार्ट-अप सत्र : मध्यप्रदेश का जीवंत एमएसएमई और स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र नवाचार और विकास को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह शिखर सम्मेलन उद्यमियों, निवेशकों और औद्योगिक संगठनों को जोड़ता है। साथ ही सहयोग और विस्तार के अवसरों को भी बढ़ावा देता है। शिखर सम्मेलन राज्य में स्टार्ट-अप और एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र पर केंद्रित है। प्रमुख यूनिकॉर्न, स्टेबिलिटी और ब्रांड रिस्पांसिबिलिटी स्टार्ट-अप शिखर सम्मेलन का हिस्सा बन रहे है।

खनन शिखर सत्र : समिट में एनएमईटी फंड का उपयोग करके तांबा और रणनीतिक खनिजों का पता लगाने के लिए एमपीएसएमसीएल और हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

शहरी विकास शिखर सत्र: इस सत्र में किफायती आवास, शहरी नियोजन में एआई और शहरों में नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने संबंधी चर्चा रहेगी।

कपड़ा और परिधान सत्र : समिट में तकनीकी और सुरक्षात्मक वस्त्रों को बढ़ाने पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। सत्र में जापान की मशहूर कम्पनी यूनिक्लो मध्यप्रदेश के वस्त्र और परिधान उद्योग की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।

पर्यटन सत्र : सत्र में इंडियाहाइक्स के साथ बहु-दिवसीय ट्रेकिंग मार्गों को विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन, ग्वालियर किले की रोशनी के लिए इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के साथ एक सीएसआर साझेदारी आदि सहित प्रमुख पहलों की घोषणा की जाएगी।

प्रवासी मध्यप्रदेश सत्र: ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में प्रवासी मध्यप्रदेश के प्रवासी नागरिक शामिल होंगे। यह सत्र वैश्विक भारतीय प्रवासी को जोड़ने, नए निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रमुख मंच प्रदान करेगा।

क्षेत्रीय सत्र: जीआईएस में क्षेत्रीय शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला भी होगी, जो प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की क्षमता को अनलॉक करेगी। इसमें –

मॉलीक्युल्स टू मशीन (स्वास्थ्य सेवा, फार्मा और चिकित्सा उपकरण): आयात निर्भरता, स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने, उद्योग परिवर्तन, सरकारी नीतियों, डिजिटल परिवर्तन और नियामक चुनौतियों पर चर्चा के साथ भारत में फार्मा और मेडटेक की विकास कहानी का प्रदर्शन होगा।

सीड-टू-शेल्फ (खाद्य प्रसंस्करण, कृषि और बागवानी): इस सत्र में कृषि से तैयार उत्पादों की मूल्य श्रृंखला, खाद्य प्र-संस्करण और बागवानी में निवेश आकर्षित करने, क्षेत्र की जैव विविधता, कृषि उत्पादन और औद्योगिक परिदृश्य पर विषय विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी।

नए युग का निर्माण (कपड़ा और परिधान): इस सत्र में मध्यप्रदेश की प्रचुर कच्ची सामग्री उपलब्धता, मजबूत बुनियादी ढांचा के साथ-साथ मैन्यूफैक्चरिंग, डिजाईन, इनोवेशन और निर्यात विस्तार बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।

कौशल विकास सत्र: इस सत्र में युवाओं में कौशल विकास प्रतिभा का पोषण और बढ़ते कार्य बल को सशक्त बनाने पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना जैसी पहलों के साथ, मध्यप्रदेश को एक अग्रणी कौशल विकास केंद्र के रूप में उभर रहा है, जो युवाओं को रोजगार के लिये तैयार कर रहा है।

खाद्य एवं भंडारण सत्र : इस सत्र में मध्यप्रदेश को दुनिया से जोड़ना के उद्देश्य से प्रदेश के सुविकसित परिवहन बुनियादी ढांचे और अग्रणी उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।

सहकारिता सत्र: इस सत्र में राज्य के आर्थिक विकास में सहकारी समितियों की भूमिका को उजागर करना और सहकारी समितियों को मजबूत करने के लिए रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी।

सड़क अवसंरचना सत्र: इस सत्र में मध्यप्रदेश में सड़क अवसंरचना विकास में निवेश के अवसरों, नवीन समाधानों और भविष्य की संभावनाओं पर विषय-विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी।

जीआईएस-2025 सिर्फ एक निवेश शिखर सम्मेलन नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश को ‘विकसित भारत-विकसित मध्यप्रदेश’ की ओर अग्रसर करने का प्रवेश द्वार है।

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