By नरेश सहारे, Newsfirst24.in
Published: February03, 2025, 08:16 PM
गढ़चिरौली, 3 फरवरी (): महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित 28 लाख के इनामी चार कुख्यात माओवादियों ने गढ़चिरौली पुलिस और सीआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। यह आत्मसमर्पण टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन (TCOC) अवधि की शुरुआत में हुआ, जब सुरक्षा बलों की कड़ी गश्त और दबाव के चलते माओवादियों का जंगल में टिके रहना मुश्किल हो गया।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी उग्रवादी:
- अशोक पोचा सडमेक (उर्फ बलन्ना उर्फ चंद्रशेखर) – DVCM तकनीकी टीम, उम्र: 63 वर्ष, जिला गढ़चिरौली।
- वनिता दोहे जोरे – ACM टेक्निकल टीम, उम्र: 54 वर्ष, निवासी कोर्नार, तह. एटापल्ली, जिला गढ़चिरौली।
- साधु लिंगु मोहनदा (उर्फ शैलेश उर्फ समीर) – प्लाटून-32 सदस्य, उम्र: 30 वर्ष, निवासी तुमारकोडी, तह. भामरागढ़, जिला गढ़चिरौली।
- मुन्नी पोडिया कोरसा – पार्टी सदस्य, उम्र: 25 वर्ष, निवासी सिलिगर्न, कोला, जिला सुकमा (छत्तीसगढ़)।
अशोक पोचा सडमेक पर 82 संगीन मामले दर्ज

आत्मसमर्पण करने वालों में सबसे कुख्यात अशोक पोचा सडमेक (बलन्ना उर्फ चंद्रशेखर) है, जिसके खिलाफ 82 संगीन अपराध दर्ज हैं, जिनमें शामिल हैं:
✔ 31 मुठभेड़
✔ 17 आगजनी
✔ 34 अन्य संगीन अपराध (हत्या, लूट, तोड़फोड़)
उस पर विभिन्न राज्यों में हत्या, आगजनी, पुलिस पर हमले और माओवादी गतिविधियों को संचालित करने के मामले दर्ज हैं।
आत्मसमर्पण के मुख्य कारण:
✔ गढ़चिरौली पुलिस की कड़ी निगरानी और लगातार गश्त के चलते जंगल में माओवादियों के लिए टिके रहना मुश्किल हो गया।
✔ नक्सली शिविरों में खराब जीवनशैली और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण माओवादी थक चुके हैं।
✔ महिला माओवादियों का लगातार शोषण और मुठभेड़ों में बलि चढ़ने का डर।
✔ आंतरिक कलह और निर्दोष ग्रामीणों की हत्या के लिए मजबूर किए जाने का विरोध।
✔ सरकारी आत्मसमर्पण नीति के तहत सुरक्षित भविष्य की गारंटी।
गढ़चिरौली पुलिस की अपील:
गढ़चिरौली एसपी नीलोत्पल ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को मुख्यधारा में शामिल होने की बधाई दी और अन्य उग्रवादियों से भी हिंसा का मार्ग छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा:
“गढ़चिरौली पुलिस विकास कार्यों में बाधा डालने वाले माओवादियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर रही है। हम उन सभी को मदद और सुरक्षा देने के लिए तैयार हैं जो आत्मसमर्पण कर लोकतंत्र में सम्मानजनक जीवन जीना चाहते हैं।”
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अब तक 695 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
2005 में शुरू हुई आत्मसमर्पण योजना के तहत अब तक 695 माओवादी, जिनमें कई वरिष्ठ कमांडर भी शामिल हैं, हिंसा का रास्ता छोड़कर सरकार के सामने आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
गढ़चिरौली पुलिस और सीआरपीएफ की यह बड़ी सफलता माओवाद के खिलाफ चल रही सुरक्षा बलों की रणनीतिक मुहिम का परिणाम है। इससे जंगलों में छिपे अन्य माओवादियों के आत्मसमर्पण की संभावना भी बढ़ गई है।











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