By कुंवरचंद मंडले, Newsfirst24.in
Published: February 26, 2025, 05:00 PM
नांदेड़, महाराष्ट्र | महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर नांदेड़ जिले के हदगांव तहसील स्थित केदारगुड़ा के प्राचीन शिव मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। यह ऐतिहासिक मंदिर करीब 950 वर्ष पुराना हेमाडपंथी स्थापत्य शैली में निर्मित है। हर साल शिवरात्रि के मौके पर यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
मंदिर की विशेषताएँ
केदारगुड़ा शिव मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का भी प्रतीक है। मंदिर परिसर में स्थित जलकुंभ से श्रावण मास में जल प्रवाहित किया जाता है, जो किसानों की फसलों के लिए बेहद लाभकारी साबित होता है। यहां पशु-पक्षियों, पेड़ों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाता है।
950 साल पुराना इतिहास
मंदिर का निर्माण यादवकाल में हेमाडपंथी शैली में हुआ था। मान्यता है कि यहां स्थित शिवलिंग स्वयंभू है, जिसका आकार कैलाश पर्वत के समान प्रतीत होता है। घने जंगलों के बीच स्थित यह मंदिर आध्यात्मिक और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम है।
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शिवरात्रि पर भव्य आयोजन
शिवरात्रि के अवसर पर महाराष्ट्र के अलावा अन्य राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर परिसर में विशाल भंडारे, भजन-कीर्तन और अभिषेक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।
केदारगुड़ा शिव मंदिर सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति श्रद्धा और संरक्षण की मिसाल भी है।











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