By Crime Reporter ,
Published: November 17 , 2024, 11:21 AM
What is the secret of 17 kg gold and 55 kg silver seized in Nagpur
- ऐसे होता है साराफा में हर दिन 25 करोड़ा का व्यापार
- असली-नकली बिलों के खेल में छिपा है राज
- क्या है पुलिस को मिले 100 बिलों की हकीकत
- कोलकता से मुंबई और वहां से नागपुर लाया जा रहा है सोना

16 नवंबर को नागपुर पुलिस ने वैन में 17 किलो सोना तथा 55 किलो चांदी जब्त की। इस कार्रवाई से नागपुर में होने वाले सोने के कारोबार से संबंधित कुछ नए खुलासे हुए हैं। इसके लिए कुछ बिल भी बताए गए और उसे छुड़ाने का प्रयास भी किया गया। आखिर इसकी सच्चाई क्या है? इन बिलों में ही छिपा है नागपुर सराफा में होने वाले हर दिन के 25 करोड़ के कारोबार का असली राज। पढ़ें Newsfirst24.in की विशेष पड़ताल
पहले जाने कैसे पकड़ा गया सोना
16 नवंबर को नागपुर यूनिवर्सिटी के सामने पुलिस तथा चुनाव आयोग के अधिकारियों की चुनाव के मद्देनजर रुटीन चेकिंग चल रही भी। इसी चेकिंग अभियान के तहत सीक्वल लॉजिस्टिक्स की वैन की जांच हुई। इस जांच में वैन में आभूषणों के रूप में 17 किलो सोना तथा 55 किलो चांदी की प्लेटें मिलीं। गई। इसकी कीमत 14 करोड़ रुपये बताई जा रही है। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता को देखते हुए पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
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नागपुर, अकोला, अमरावती जा रहा था सोना
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये सोने के आभूषण और चांदी की प्लेटें नागपुर, अकोला, अमरावती सहित विदर्भ के विभिन्न शहरों से सराफा व्यापारियों ने ऑर्डर के रूप में मंगाए थे। जिससे संबंधित दस्तावेज, बिल सीक्वेल लॉजिस्टिक्स कंपनी के पास थे लेकिन विधानसभा चुनाव को देखते हुए आदर्श आचार संहिता के दौरान इतनी बड़ी मात्रा में सोना-चांदी ट्रांसपोर्ट के माध्यम से ले जाने के लिए उनके पास जरूरी अनुमति नहीं थी। इसलिए जांच टीम ने संबंधित सोने के आभूषणों और चांदी की प्लेटों को जब्त कर लिया है तथा इस संबंध में आयकर विभाग (Income Tax) के साथ-साथ जीएसटी विभाग को भी सूचना दे दी है।
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मुंबई से मंगाया गया था सोना
अंबाझरी पुलिस और स्टेटिक सर्विलांस टीम (एसएसटी) के अनुसार, मुंबई से मंगाया गया सोना और चांदी अमरावती और अकोला जा रहा था।
एक दिन पहले भी पकड़ा गया था 1.64 करोड़ का सोना

सांकेतिक चित्र
इस यह घटना के एक दिन पहले 14 नवंबर को क्राइम ब्रांच द्वारा इमामबाड़ा में दो व्यक्तियों से 1.64 करोड़ रुपये से अधिक का सोना और हीरे जब्त करने किए गए थे। विभिन्न एजेंसियां अब जांच कर रही हैं क्या सोने के ऐसे ट्रांसपोर्ट की सभी आवश्यक अनुमति ली गई थी।
असली खेल बिलों का है, पकड़े गए तो बिल असली नहीं तो कागज साबित हो जाते हैं
इस मामले में Newsfirst24.in की टीम ने सराफा कारोबारियों से जुड़ें सूत्रों इसकी असली कहानी निकाली। उनसे मिली जानकारी के अनुसार सोने और उनके आभूषणों को लाने-जाने के लिए कुछ बिलों का सहारा लिया जाता है। ताकि यदि पकड़े गए तो उन्हें दिखाकर इसे छुड़ाया जाए।
पकड़े जाने पर इसमें जीएसटी से लेकर अन्य टैक्स चुकाकर इन बिलों को असली बिलों में तब्दील कर दिया जाता है और नहीं पकड़े जाने पर इन बिलों को अपने हिसाब से कम ज्यादा कर दिखाया जाता है। नागपुर में कोलकाता से विदेशी सोने के बिस्किट तस्करी करके जाए जा रहे हैं। इसके बाद इन्हें मुंबई में इस सोने से गहने बनाए जा रह हैं और उन्हें कई रास्तों से नागपुर समेत विदर्भ के बाकी हिस्सों में वितरित किए जाते हैं।
किसे सौंपा जाएगा यह सोना
अंबाझरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक विनायक कोल्हे ने अनुसार कि विदर्भ के अलग-अलग हिस्सों से सर्राफा व्यापारियों के लगभग 100 बिल मिले हैं। कोल्हे ने कहा, “आयकर और जीएसटी अधिकारियों ने पहले ही मामले की समानांतर जांच शुरू कर दी है। ज़ब्ती के बाद चुनाव अधिकारी भी पुलिस स्टेशन पहुँचे,” उन्होंने कहा कि वे चुनाव अधिकारियों से मार्गदर्शन माँगेंगे कि कीमती सामान उन्हें सौंपा जाए या आयकर विभाग को। कोल्हे ने कहा, “हम ज़ब्त किए गए कीमती सामान से संबंधित बड़े पैमाने पर कर और शुल्क चोरी और अन्य उल्लंघनों से इनकार नहीं कर रहे हैं।















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