अजीत पवार भी सीएम की रेस से अभी दूर हैं

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 की वोटिंग बुधवार को होने वाली है। वोटिंग के दो दिन पहले ही वर्तमान सीएम एकनाथ शिंदे ने स्वीकारा कि वे सीएम की रेस में नहीं है। इसके कुछ दिनों पहले देवेंद्र फडणीस ने भी यह बात कही कि वे सीएम के उम्मीदवार नहीं हैं।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर महाराष्ट्र का सीएम कौन बनेगा? महायुति में तीसरा चेहरा अजीत पवार हैं हालांकि उनके नाम पर सहमति फिलहाल दूर-दूर तक बनती नजर नहीं आ रही है। जबकि उनकी वजह से बीजेपी को लोकसभा में भारी नुकसान उठाना पड़ा था।
महाराष्ट्र में वोटिंग से पहले सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि वो सीएम पद की रेस में नहीं हैं। इसके कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा था कि वे सीएम की रेस में नहीं हैं। ऐसे में सवाल यही उठता है कि आखिर महाराष्ट्र का सीएम कौन बनेगा? महाराष्ट्र की सभी 288 विधानसभा सीटों के लिए 20 नवंबर को वोटिंग होगी। 23 नवंबर को इसका रिजल्ट आएगा।
शिंदे ने कहा हमारा उद्देश्य महायुति को सरकार में लाना है

एकनाथ शिंदे से जब पूछा गया कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि वह तो बाद में पता चलेगा। मैं महाराष्ट्र का भला चाहता हूं। उन्होंने कहा कि मुझे क्या मिलेगा? यह नहीं सोचता। ये भी तय है कि सीएम महायुति का ही होगा।
आखिर दोनों नेताओं के बयान के मायने क्या हैं?
पहले देवेंद्र फडणवीस और अब एकनाथ शिंदे के सीएम की रेस में शामिल नहीं होने संबंधी बयान के कई मायने सामने आ रहे हैं। राजनीति को नजदीक से कवर करने वाले पत्रकारों की माने तो उनका कहना है कि मौजूदा हालात में किसी भी नेता को अपने दम पर बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है।
ऐसे में मुख्यमंत्री की रेस में शामिल उम्मीदवारों ने पहले ही हाथ खड़े कर दिए हैं। देवेंद्र फडणवीस ने पहले ही कह चुके हैं कि बीजेपी अपने दम पर सरकार नहीं बना सकती। महायुति मिलकर सरकार बनाएगी।
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महाविकास अघाड़ी भी ने भी सीएम का चेहरा तय नहीं किया
महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी भी अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम अब तक तय नहीं कर पाई है। वोटिंग के पहले तक इस बात का सस्पेंस है कि आखिर मुख्यमंत्री कौन होगा? शिवसेना पिछली बार की तरह सीएम कैंडिडेट तय करने की स्थिति में नहीं है। राकांपा में फूट पड़ने के बाद वह भी कमजोर हो चुकी है।
शरद पवार अपने ही परिवारिक लड़ाई में उलझकर रह गए हैं। वहीं कांग्रेस न तो पिछले चुनाव में और न ही अब निणार्यक स्थिति में है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले से पूछा गया कि मुख्यमंत्री पद पर कांग्रेस की दावेदारी है या नहीं? इस सवाल का जवाब देते हुए नाना पटोले ने कहा कि सरकार आने के बाद हाईकमान जो निर्णय लेगा वो सबको मान्य होगा।
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देवेंद्र फडणवीस ने कहा था हमें सीएम के चेहरे की चिंता नहीं

16 नवंबर को एक प्रेस कान्फ्रेंस में देवेंद्र फडणवीस ने एकनाथ शिंदे और अजित पवार के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि NDA को 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के चेहरे की कोई चिंता नहीं है।
मुख्यमंत्री शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौजूदगी में देवेंद्र फडणवीस फडणवीस ने कहा, हमारे मुख्यमंत्री यहां बैठे हैं। विपक्ष से पूछिए कि आपका चेहरा कौन है। पहले अपना चेहरा घोषित करें।
मैं शरद पवार साहब से आग्रह करता हूं कि वे अपना सीएम चेहरा घोषित करें। शिंदे ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन में कोई भी शीर्ष पद पाने के लिए बेताब नहीं है। उन्होंने कहा, पिछले दो साल से अधिक समय में हमारी सरकार द्वारा किए गए काम ही हमारा चेहरा हैं।











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