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मालशिरस में गांववालों को EVM पर शक था हुआ तो खुद ही बैलट पेपर पर वोट देकर काउंटिंग करने का तय किया

मालशिरस में गांववालों को EVM पर शक

Villagers in Malshiras had doubts about EVMs, so they decided to vote on ballot papers and do the counting themselves

  • -1900 वोटरों में से 1003 वोट बीजेपी को कैसे मिल गए? इसी बात पर शक है
  • -प्रशासन में हड़कंप मच गया, सख्ती कर वोटिंग रोकी, गांव में धारा 163 लगा दी ताकि पांच लोग से ज्यादा इकट्‌ठा नहीं हो सकें

By MUMBAI BUREAU, Newsfirst24.in

Published: December03 , 2024, 02:15 PM

गांववालों को EVM पर शक था हुआ तो खुद ही बैलट पेपर पर वोट देकर काउंटिंग करने का तय किया

मालशिरस। गांव वालों को ईवीएम मशीन से वोटिंग पर शक है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि1900 वोटर के गांव में 1003 वोट अकेले बीजेपी को कैसे मिल गए? बस इसी शक के कारण गांव वालों ने वापस से अपने स्तर पर बैलट पेपर पर वोट करने का तय कर लिया और इसकी तैयारियां शुरू कर दी। जैसे यह बाद प्रशासन और चुनाव आयोग को पता चली तो हड़कंम मच गया। जैसे-तैसे इस प्रक्रिया को रोका गया। अब इसके बाद देशभर में एक बार फिर ईवीएम पर नई बहस छिड़ गई है।

यह था मामला

Villagers in Malshiras had doubts about EVMs, so they decided to vote on ballot papers and do the counting themselves

मालशिरस विधानसभा सीट पर NCP-SC कैंडिडेट उत्तमराव जानकर को मार्करवाड़ी से विधानसभा चुनाव के दौरान 843 वोट मिले, जबकि BJP के राम सातपुते को 1003 वोट मिले। मार्करवाड़ी के लोगों को इस रिजल्ट पर शक हुआ। क्योंकि गांव में कुल 2000 वोटर हैं जिनमें से 1900 लोगों ने वोट किया था। ऐसे में अकेले बीजेपी को 1003 वोट मिलने पर उन्हें शक था। इसलिए उन्होंने 3 दिसंबर को अपने स्तर पर बैलट पेपर पर वोट कर खुद ही गिनती करने का तय कर लिया।

इनके बीच थी टसल

Villagers in Malshiras had doubts about EVMs, so they decided to vote on ballot papers and do the counting themselves

मालशिरस विधानसभा सीट पर NCP-SC कैंडिडेट उत्तमराव जानकर और BJP के राम सातपुते के बीच जबरदस्त मुकाबला थाा। सातपुते कुछ वोटों से जीते हैं। बैलेट पेपर से रीपोलिंग करवाकर जानकर को ईवीएम के शक को दूर करना था, इसलिए इसकी योजना बनाई।

प्रशासन ने सख्ती दिखाकर रुकवाया

Villagers in Malshiras had doubts about EVMs, so they decided to vote on ballot papers and do the counting themselves

महाराष्ट्र के सोलापुर में मार्करवाड़ी गांव में मंगलवार को बैलट पेपर पर डमी वोटिंग की पूरी तैयार कर ली थी। सुबह 8 बजे से वोटिंग होनी थी। वोटिंग का स्थल भी पूरी तरह तैयार कर लिया गया था। मगर प्रशासन को जैसे ही इसका पता चला तो हड़कंम मच गया और उन्होंने सख्ती दिखाकर इसको रुकवाया। वोटिंग करने गए कुछ लोग पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। गांव में 5 दिसंबर तक धारा 163 के तहत 5 से ज्यादा लोगों के इकट्‌ठा होने पर रोक लगा दी गई है।

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प्रशासन ने परमिशन नहीं दी थी

एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से बैलेट पेपर का इस्तेमाल करके पुनर्मतदान कराने के लिए परमिशन मांगी थी मगर उन्हें नहीं मिली। इसके बाद मंगलवार को पुलिस की तरफ से गांव में सड़कें बंद कर दी गईं। चेतावनी दी गई कि वोटिंग करने वालों पर मामले दर्ज किए जाएंगे और मतदान सामग्री जब्त कर ली जाएगी।

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