पंजाब और हरियाणा सीमा के शंभू बॉर्डर से 101 किसानों का एक जत्था निकला
Farmers set out on foot for Delhi, a big battle will happen again, the capital is on alert
By Delhi BUREAU, Newsfirst24.in
Published: December06, 2024, 05:13 PM

एक बार किसानों का महासंग्राम दिल्ली में होने के आसार नजर आ रहे हैँ। किसानों के ट्रेक्टर-ट्राली पर पाबंदी लगाने के बाद किसानों ने शंभू बॉर्डर से पैदल ही दिल्ली की तरफ कूच करना शुरू करदिया है। किसानों की आहट से एक बार फिर दिल्ली अलर्ट मोड़ पर आ गई है। बॉडर पर इंटरनेट बंद कर दिया गया है। दूसरी तरफ किसान भी इस बार बड़े आंदोलन के मूड में नजर आ रहे हैं जो पहले से कई ज्यादा खतरनाक होगा। दूसरी तरफ किसानों के आंदोलन के कारण दिल्ली बॉर्डर पर फिर जाम की स्थिति बन गई है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांग

पंजाब और हरियाणा सीमा के शंभू बॉर्डर से 101 किसानों का एक जत्था शुक्रवार को दोपहर एक बजे दिल्ली के लिए पैदल मार्च लेकर निकला है। किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित कुछ मांगों को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने के लिए मार्च कर रहे हैं। हरियाणा की सीमा पर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इस बीच हरियाणा सरकार ने शुक्रवार को अंबाला जिले के 11 गांवों में मोबाइल इंटरनेट और एक साथ कई लोगों को संदेश भेजने की सुविधा बल्क एसएमएस सेवा को बंद कर दिया गया है। इस पर 9 दिसंबर तक पाबंदी जारी रहेगी।
इन गांवों में इंटरनेट पर पाबंदी
अंबाला के दंगढेरी, लोहरगढ़, मनकपुर, दड़ियाना, बरी घेल, ल्हर्स, कालू माजरा, देवी नगर, सड्डोपुर, सुल्तानपुर और काकड़ू गांवों में इंटरनेट पर पाबंदी लगाई गई है। यह प्रतिबंद 9 दिसंबर रात 11:59 बजे तक रहेगा।
हरियाणा बॉर्डर पर तैनाती

हरियाणा बॉर्डर पर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। यह कदम सरकार और किसानों के बीच चल रहे तनाव के बीच उठाया गया है जो कृषि संबंधी मुद्दों पर नए आंदोलन का संकेत देता है। प्रशासन को लग रहा है कि कहीं यह आंदोलन पूर्व की तरफ घातक नहीं हो जाए।
आंदोलन की आहट से सरकारी निजी स्कूल बंद
अंबाला प्रशासन ने किसानों के आंदोलन की आहट के चलते जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को शुक्रवार को बंद करने का आदेश दिया है। अंबाला के जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने इसकी पुष्टी की।
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मकसद के लिए जान देने की तैयारी में किसान
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने मार्च शुरू करने वाले 101 किसानों को ‘मरजीवड़ा’ (ऐसे लोग जो किसी मकसद के लिए जान भी देने को तैयार हों) कहा। पंधेर ने कहा कि मार्च शांतिपूर्ण तरीक से निकाला जाएगा। उन्होंने हरियाणा प्रशासन द्वारा पैदल मार्च पर रोक लगाए जाने की आलोचना की। उन्होंने गुरुवार को कहा कि किसान अपने साथ कोई ट्रैक्टर-ट्रॉली नहीं ले जाएंगे।
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यह कर रहे हैं नेतृत्व
किसानों के अनुसार, उनके पहले जत्थे का नेतृत्व सतनाम सिंह पन्नू, सुरिंदर सिंह चौटाला, सुरजीत सिंह और बलजिंदर सिंह करेंगे। यह जत्था अपने साथ केवल आवश्यक वस्तुएं ही लेकर चला है। हरियाणा की सीमा पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है। अंबाला जिला प्रशासन ने बुधवार को किसानों से मार्च पर पुनर्विचार करने और दिल्ली पुलिस से अनुमति लेने के बाद ही कोई कार्रवाई करने का आग्रह किया था।
जाम ही जाम, लोग परेाशन
कुछ दिनों पहले तक नोएडा-गाजियाबाद भी ऐसे ही जाम की स्थिति देख चुका है। तब राहुल गांधी की संभल जिद बीच में आ गई थी, अब किसानों का विरोध प्रदर्शन की दिल्ली की ओर अग्रसर है।अब चाहे नेताओं की नेतागिरी रहे या फिर किसानों का विरोध प्रदर्शन, शामत उस आम आदमी की ही आती है क्योंकि उसे ही फिर घंटों के ट्रैफिक जाम में फंसना होता है, उसे फिर ऑफिस देरी से पहुंचना होता है।















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