(महाराष्ट्र)
संवाददाता :
By नरेश सहारे Newsfirst24.in
Published: December20 , 2024, 04:47 PM
इनमें से एक पिछले 30 वर्षों से माओवादी संगठन में सक्रिय रुप सें शामिल था
महाराष्ट्र सरकार ने घोषित किया था कुल 08 लाख रुपयों का ईनाम
गढचिरौली। वर्ष 2005 से सरकार द्वारा घोषित आत्मसमर्पण योजना के कारण और हिंसा के जीवन से तंग आकर वरिष्ठ माओवादीयों समेत कई कट्टर माओवादीयों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया हैं। साथ ही, आत्मसमर्पीत माओवादीयों के लिए पुलिस बल द्वारा चलाएं जाने वाले पुनर्वास योजना के चलते अबतक कुल 680 माओवादीयों ने गढचिरौली पुलिस बल के सामने आत्मसमर्पण किया हैं। आज तारिख 20 दिसंबर 2024 को 1) रामसु दुर्गु पोयाम ऊर्फ नरसिंग (ए.सी.एम), उम्र 55 वर्ष, र. गट्टानेली, ता. धानोरा, जि. गडचिरोली और 2) रमेश शामु कंुजाम ऊर्फ गोविंद ऊर्फ रोहित (दलम सदस्य), उम्र 25 वर्ष, रा. वेडमेट्टा, जि. नारायणपूर (छ.ग.) इन दो कट्टर माओवादीयोंने गढचिरौली पुलिस बल और सिआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण किया हैं।
आत्मसमर्पित माओवादी के बारे मे जानकारी
नाम- रामसु दुर्गु पोयाम ऊर्फ नरसिंग
दलम में कार्यकाल
वर्ष 1992 में टिपागड़ दलम में सदस्य के रूप में भर्ती होकर वर्ष 1995 तक काम किया।
वर्ष 1995 से उसने काकुर दलम में रहकर वर्ष 1996 तक माओवादीयोंके प्रशिक्षण कार्यक्रमोंको सुरक्षा प्रदान करनें का काम किया। उसने वर्ष 1996 से 1998 तक पुनः टिपागड़ दलम में काम किया।
वर्ष 1998 में उसे माड एरिया (छ.ग.) में स्थानांतरित कर दिया गया और उसने वर्ष 2001 तक सप्लाई टीम में काम किया।
उसने वर्ष 2001 से 2002 तक प्रेस टीम में प्रशिक्षण के लिए काम किया।
वर्ष 2002 में उसे एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम) के पद पर पदोन्नत किया गया और वह वर्ष 2005 तक माओवादियों के लिए कोडतामरका गांव क्षेत्र में कृषि के कार्य कर रहा था।
वर्ष 2005 से 2010 तक वह मौजा डुमनार, फरसगांव और कोडेनार गांवों में माओवादियों के लिए कृषि कें कार्य कर रहा था।
वर्ष 2010 से अब तक, वह कुतुल और नेलनार दलम में एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम) के पदपर कार्यरत था।
कार्यकाल में किए अपराध
रामसु दुर्गु पोयाम ऊर्फ नरसिंग पर आजतक कुल 12 अपराध दर्ज हैं। उसमे 06 मुठभेड, 05 हत्या, और 01 डकैती जैसे अपराध शामील है।
नाम- रमेश शामु कंुजाम ऊर्फ गोविंद ऊर्फ रोहित
दलम में कार्यकाल
वर्ष 2019 में वह माओवादियों के लिए मिलिशिया के रूप में काम कर रहा था।
वर्ष 2020 में उसने चेतना नाट¬ मंच (सीएनएम) में सदस्य के रूप में भर्ती होकर काम किया।
वर्ष 2021 में कुतुल दलम में सदस्य के रूप में भर्ती होकर आजतक काम किया।
कार्यकाल में किए अपराध
हिंसक घटनाओं में उनकी संलिप्तता की पुष्टि के लिए जांच चल रही है।
यह खबर भी पढ़े
आत्मसमर्पण के कारण
गढचिरौली पुलिस बल द्वारा चलाए जाने वाले आक्रामक माओवादी विरोधी अभियानों के वजह से माओवादी गतिविधीयों की कमर तोड दी हैं।
दलम में शामिल साथी सदस्यों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के कारण और घर के सभी सदस्यों एवं रिश्तेदारों द्वारा आत्मसर्पण करने लिए लगातर प्रेरित किए जाने के कारण।
दलम के वरिष्ठ नेता कहते हैंै की, आंदोलन एवं लोगो के लिए पैस इकठ्ठा करना पडता हैं। वास्तव में इकठ्ठा किया गया पैसा वरिष्ठ माओवादी लोगो के विकास कार्य के लिए न करते हुए स्वयं के लिए इस्तेमाल करते हैं।
वरिष्ठ माओवादी नेता केवल अपने फायदे के लिए गरिब आदिवासी युवाओ का इस्तेमाल करते हैं।
श्व् वरिष्ठ माओवादी नेता केवल पुलिस मुखबिर होणे के संदेह पर हमारे ही भाई बहनो की हत्या करणे को कहते हैं।
सरकार द्वारा घोषित ईनाम
महाराष्ट्र सरकारने रामसु दुर्गु पोयाम ऊर्फ नरसिंग पर कुल 06 लाख रुपयों का इनाम घोषित किया था।
महाराष्ट्र सरकारने रमेश शामु कुंजाम ऊर्फ गोविंद ऊर्फ रोहित पर कुल 02 लाख रुपयों का इनाम घोषित किया था।
आत्मसमर्पण के बाद सरकार की और मिलने वाले ईनाम.
आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वसन के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से रामसु दुर्गु पोयाम ऊर्फ नरसिंग को कुल 4.5 लाख रुपयों का ईनाम घोषित किया हैं।
आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वसन के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से रमेश शामु कंुजाम ऊर्फ गोविंद ऊर्फ रोहित को कुल 4.5 लाख रुपयों का ईनाम घोषित किया हैं.
Connect YouTube channel











Leave a Reply