By Naresh Sahare, Newsfirst24.in
Published: December26 , 2024, 09:05 PM
संजय दैने 9 महीने के रहे गढचिरौली के कलेक्टर
गढ़चिरौली। अविश्यांत पंडा ने आज कलेक्टर संजय दैने से गढ़चिरौली जिले के नए कलेक्टर के रूप में कार्यभार संभाला। संजय दैने ने उनका स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दी. साथ ही जिले के प्रमुख अधिकारी भी शामिल थे.
जिले में विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये
इस मौके पर कलेक्टर पंडा ने विभाग प्रमुखों को जिले में विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये. गढ़चिरौली जिले में विकास कार्यों की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से टीम भावना से काम करने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रलंबित मामलों को निपटाने और भविष्य की योजना बनाने के लिए अवसर का उपयोग करना जरूरी है।
अविश्यंत पांडा 2017 बैच के IAS अधिकारी हैं
अविश्यंत पांडा 2017 बैच के IAS अधिकारी हैं और पहले नंदुरबार में एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना कार्यालय के परियोजना अधिकारी, अमरावती जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और नागपुर में कपड़ा आयुक्त के रूप में कार्य कर चुके हैं. पूर्व कलेक्टर संजय दैने का तबादला नागपुर में टेक्सटाइल कमिश्नर के पद पर किया गया हैं.
महाराष्ट्र में सत्ता स्थापित होते ही गढचिरौंली के कलेक्टर संजय दैने का तबादला
एकनाथ शिंदे 8 महीने पहले संजय दैने को गडचिरोली जिले की जिम्मेदारी सौंप दी थी.
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद महायुती की सत्ता स्थापित हुई और महाराष्ट्र में हमेशा चर्चा में रहने वाला गढचिरौंली जिले के कलेक्टर संजय दैने का तबादला होने से जिले में चर्च का विषय बन गया हैं. पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे 8 महीने पहले संजय दैने को गडचिरोली जिले की जिम्मेदारी सौंप दी थी.
महाराष्ट्र में गडचिरोली का नाम सुनकर कुबेर की कुंजी दिखाई देती हैं.
लेकिन नई सरकार बनने के बाद उन्हें तुरंत ही गडचिरोली से तबादला कराया गया. यह जिले के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चे का विषय बन गया हैं. महाराष्ट्र में गडचिरोली का नाम सुनकर कुबेर की कुंजी दिखाई देती हैं.
क्योंकि वहां की सुरजागढ़ लोहा खदान का नाम ही काफी हैं. तो दूसरी तरफ उत्तर गडचिरोली के झेंडेपार लोहा खदान की जनसुनवाई के बाद ठेकेदारोने काम शुरू किया हैं. उन्हें पता है की नई सरकार आने के बाद कोरची तहसील के झेंडेपार लोहा खदान कोई भी हालत से शुरू होगी.
कलेक्टर संजय दैने ने दिया जोर का झटका, तो उसी दिन हो गया तबादला

जिला कलेक्टर संजय दैने ने गढ़चिरौली जिले के अहेरी नगर पंचायत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित कुल 9 सदस्यों को राजनीतिक रूप से संवेदनशील घोषित किया है. पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष अजय कंकडालवार ने सार्वजनिक स्थल पर किये गये निर्माण को नियमित करने के लिए नगर पंचायत में एक प्रस्ताव लिया और उक्त 9 सदस्यों ने बहुमत के बल पर उस प्रस्ताव को पारित कर दिया.
जिला कलेक्टर ने सदस्यों को यह कहते हुए पद ग्रहण करने से अयोग्य घोषित कर दिया कि अवैध निर्माण में मदद करने का यह प्रयास नियमों का उल्लंघन है। इसमें रोजा करपेत और उपाध्यक्ष शैलेश पटवर्धन समेत कुल 9 लोग शामिल हैं।
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संजय दैने ने आदेश जारी कर 9 पार्षदों को अपात्र घोषित कर दिया.
इस बीच, विधानसभा चुनाव से पहले आविसं के 3 नगरसेवक, शिवसेना के 2 नगरसेवक, (एनसीपी) के 2 बागी नगरसेवक उपाध्यक्ष पटवर्धन के साथ एनसीपी (अजित पवार) गुट में शामिल हो गए थें पिछले दो साल से सबकी नजर बीजेपी की शिकायत के नतीजे पर थी.
इस बीच, मामले पर फैसला सुनाते हुए उसी दिनांक 24 दिसंबर 2024 को कलेक्टर संजय का स्थानांतरण आदेश जारी किया गया, जिसमें महापौर रोजा करपेत और उपाध्यक्ष शैलेश पटवर्धन के साथ-साथ विलास सिडाम, नौरस रियाज
शेख, मीना ओरंडे, सुरेखा गैडशेलवार, ज्योति सडमेक, विलास गलबले, महेश बाकेवार शामिल हैं. इन पर जिला कलेक्टर संजय दैने ने आदेश जारी कर 9 पार्षदों को अपात्र घोषित कर दिया.











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