By Arvind Jadhav, Newsfirst24.in
Published: December 27, 2024, 07:12 PM
छत्तीसगढ़ सरकार के बैलेट पेपर से चुनाव के निर्णय का स्वागत विपक्षी ने किया
मुंबई : हालही में छत्तीसगड सरकारने राज्य के नगर निगम और जिला पंचायत के चुनाव बैलेट पेपर करने की घोषणा की है। जल्द ही छत्तीसगढ़ में नगर निगम चुनाव और जिला पंचायत चुनाव होने जाने वाले हैं। 7 तारीख को इसकी आदर्श आचारसंहिता लगने के आसार है। महत्वपूर्ण सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के पहले इन चुनाव से निपटने का छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास है। छत्तीसगढ़ के इस फैसले का स्वागत कांग्रेस पार्टी सहित सभी विपक्षों ने किया है। मगर अब छत्तीसगढ़ के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बैलट पेपर पर चुनाव की मांग को बढ़ावा मिल सकता है।
विपक्ष पार्टी ने ई.व्ही.एम. मशीन को लेकर पहले ही जताया है विरोध

महाराष्ट्र में 2017 के बाद सभी नगर निगम और जिला पंचायत चुनाव के बाद करीब दो साल से राजनीतिक दल चुनाव की प्रतीक्षा में है। हाल ही में लोकसभा बाद विधानसभा में विपक्ष की करारी हार होने से बैलट पेपर का मुद्दा महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर गरमाया गया।
विपक्ष ने इसके खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया साथ ही सुप्रीम कोर्ट जाकर ई.व्ही.एम. मशीन पर रोक लगाने की याचिका भी दाखिल कर दी थी।
गौरतलब है की महाराष्ट्र के मरकडवाडी गांव मे बैलट पेपर पर चुनाव लेने का प्रयास हुआ था लेकिन इसका प्रशासन और सरकारने इसका विरोध किया। खुद इंडिया ब्लॉक प्रमुख राहुल गांधी, शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने सड़क पर आकर इसका विरोध किया है।
देश की सबसे बड़ी राजस्व वाली मुंबई महानगर पालिका पर सबकी नजरें

महाराष्ट्र में नगर निगम और जिला पंचायत की अवधि को समाप्त होते 2 साल हो चुके हैं लेकिन इसके चुनाव पर अभी भी अटकलें बनी हुई है। महाराष्ट्र में 21 फरवरी 2017 को नगर निगम चुनाव और 21 मार्च 2017 को जिला पंचायत चुनाव हुए थे।
महाराष्ट्र में 29 नगर निगम 232 नगर पंचायत 34 जिला पंचायत और 125 पंचायत की रचना है। देश में सबसे राजस्व प्राप्त करने वाली मुंबई महानगरपालिका में 2017 के चुनाव में शिवसेना 84 सीट लेकर सबसे बड़े पार्टी बनी वहीं भाजपा को 82 सीट मिलकर दूसरे स्थान पर रहना पड़ा।
विपक्ष की सीटों की संख्या केवल 40 पर सिमट गई। लेकिन अब मुंबई महानगरपालिका चुनाव में शिवसेना और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होने वाला है शिवसेना उद्धव ठाकरे की लंबे अरसे की सत्ता के लिए भाजपा नई रणनीति तैयार कर रही है।
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मुंबई महानगरपालिका में मिले बहुमत से शिवसेना और भाजपा ने मुंबई महानगरपालिका में सत्ता हासिल की थी वही महाराष्ट्र में भाजपा ने जिला पंचायत और पंचायत चुनाव में भी अच्छा प्रदर्शन कर पहला स्थान हासिल किया था। अब शिवसेना के साथ शरद पवार की राष्ट्रवादी पार्टी में भी फूट पड़ने से इस बार यह चित्र कैसा होगा देखना पड़ेगा।
महाराष्ट्र सरकार भी मार्च तक निगम चुनाव और जिला पंचायत चुनाव लेने की संभावना है इसलिए अब विपक्ष भी छत्तीसगढ़ की तर्ज पर बैलेट पेपर पर चुनाव की मांग कर सकता है और फिर एक बार बैलेट पेपर का मुद्दा महाराष्ट्र में गरमाया जा सकता है। हालही में चुनाव हारने के बाद विपक्षी पार्टियों ने बैलेट पेपर से चुनाव के लिए लगातार आंदोलन भी किए थे।











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