By Arvind Jadhav, Newsfirst24.in
Published: December 28, 2024, 08:10 PM
निर्माण क्षेत्र के लिए उठाए सख्त कदम

मुंबई : पिछले कई दिनों से मुंबई में प्रदूषित हवा को लेकर चिंता बढ़ गई है हर दिन मुंबई में प्रदूषित हवा का परिणाम देखने मिल रहा है इसका सीधा असर नागरिकों के स्वास्थ्य पर हो रहा है। अब निर्माण क्षेत्र के बड़े प्राधिकरण एमएमआरडीए ने इसके लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए है। गौरतलब है कि एमएमआरडीए प्राधिकरण शहर की निर्माण सुविधा का सरकार का एक महत्वपूर्ण अंग है और इसके तहत शहर में ब्रिज, मेट्रो, वसाहत, जैसे कई बड़े प्रकल्प शुरू है।
हवा प्रदूषण इन्हीं प्रकल्प से होता है ऐसा पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है। अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसको गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण को सख्त निर्देश दिए हैं।
हवा गुणवत्ता के निर्देशों को किया तुरंत लागू
आज एमएमआरडीए प्राधिकरण की ओर से इसकी सूचना जारी कर दी इसमें निर्माण क्षेत्र में कई पाबंदी के साथ सुझाव भी दिए गए हैं। इसमें निर्माण स्थल पर धूल से निपटारा साथ ही मलबे का सही तरीके से निपटारा करना और निर्माण स्थल पर मौजूद वाहनों पर कुछ नियम लगाए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री और प्राधिकरण के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा कि शहर का स्वस्थ रखना हम सब की जिम्मेदारी है साथ ही पर्यावरण को संतुलित रखकर शहर को विकास की ओर ले जाना भी जरूरी है। एमएमआरडीए प्राधिकरण शहर आयुक्त डॉ संजय मुखर्जी ने कहा है निर्माण में किसी भी प्रकार के गलतियों को बक्सा नहीं जाएगा निर्देश तोड़ने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई शहर के विकास के साथ मुंबई के हवा गुणवत्ता भी हम सब की साझा जिम्मेदारी है इसलिए हम शहर के निर्माण क्षेत्र पर सख्त निर्देश तुरंत लागू कर रहे हैं।
निर्देश की विफलता पाने पर लगेगा आर्थिक जुर्माना
घोषित किए गए मुख्य उपाय: धूल पर नियंत्रण
- सभी निर्माण स्थलों पर पानी के छिड़काव और फॉगिंग मशीनों की तैनाती।
- मिट्टी हटाने के कामों के दौरान और ढेर की गई सामग्रियों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव।
- परियोजना क्षेत्रों के आसपास की सड़कों के लिए मैकेनिकल पावर स्विस्पिंग मशीनों का उपयोग।
- निगरानी और प्रबंधन।
- मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण।
- प्रगति का आकलन करने के लिए व्यापक निगरानी और रिपोर्टिंग तंत्र।
- मलबा प्रबंधन:
- धूल को कम करने के लिए अनधिकृत डंपिंग को खत्म करना और निर्माण और विध्वंस कचरे की अनुकूलित आवाजाही।
- वाहनों का विनियमन:
- निर्माण सामग्री का परिवहन करने वाले वाहनों के लिए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन, जिसमें उचित आवरण और अनुमति शामिल है।
- अपशिष्ट जलाने पर प्रतिबंध:
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परियोजना परिसर में अपशिष्ट जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध।

सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए, एमएमआरडीए ने इन दिशा-निर्देशों का पालन करने में विफल रहने वाले ठेकेदारों के लिए एक मजबूत दंड संरचना शुरू की है।
नियमों का पालन न करने पर पहली बार में 5 लाख रुपए से लेकर 20 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा और बार-बार उल्लंघन करने पर काम पर रोक लगाई जाएगी।











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