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मुंबई बनता जा रहा है गुनहगारों के लिए सुरक्षित शहर

मुंबई बनता जा रहा है गुनहगारों के लिए सुरक्षित शहर

By Arvind Jadhav, Newsfirst24.in

Published: December 30, 2024, 10:52 AM

दिल्ली के खूनी भगोड़े कैदी को मुंबई से पकड़ा

Mumbai is becoming a safe city for criminals

मुंबई बनता जा रहा है गुनहगारों के लिए सुरक्षित शहर

मुंबई :  रविवार शाम दिल्ली क्राइम ब्रांच की एक टीम ने अजय कुमार त्रिपाठी नाम के आरोपी को गौतम नगर, पांजरपोळ, चेंबूर से हिरासत में लिया। वह दिल्ली के एक बच्चे के अपहरण और हत्या का आरोपी था इसमें वह आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा था सजा दौरान मिले पैरोल पर दिल्ली से भाग गया था और अपना नाम बदलकर मुंबई में एक फूड डिलीवरी सेंटर में काम कर रहा था।

बच्चे का अपहरण कर फिरौती मांगी, नहीं मिली तो हत्या कर दी थी

अजय त्रिपाठी, उम्र 46 साल, दिल्ली में एक कंपनी में बतौर स्टोरकीपर काम कर रहा था तभी साल 2000 में पैसे की जरूरत ने उसे एक बच्चे का अपहरण कर फिरौती मांगने पर मजबूर किया था। फिरौती न मिलने पर डर से उसने उसे नाबालिक बच्चे का हत्या कर दी थी इसमें उसे आजीवन कारावास की सजा मिली थी। 2010 में उसे जेल से पैरोल मिली थी 30 दिन की पैरोल मिलने बाद त्रिपाठी करीब 5 साल तक फरार हुआ था।

पत्नी को जब पता चला तो उसने आत्महत्या कर ली थी

जब पुलिस 2015 में उसके घर आगरा उसके तलाश में गई तब घर वालों पता चला कि वह अपराधी  है। इससे उसके घर में काफी तनाव हुआ उसे पहली पत्नी से एक बच्चा था लेकिन वह पत्नी उससे अलग रहती थी और काम कर अपने बच्चों का पालन पोषण करते थी। यह अपराधी के जानकारी के बाद उसने उसे तंग आकर आत्महत्या भी कर ली।

कोरोना के समय पैरोल पर छोड़ा था, वहां से फरार हो गया

मुंबई बनता जा रहा है गुनहगारों के लिए सुरक्षित शहर

त्रिपाठी को 2015 में दिल्ली से हिरासत में लिया गया फिर, कोविड के चलते 2021 को दिल्ली कोर्ट ने उसे सभी कैदी के साथ पैरोल दे दिया फिर एक बार 2021 से वह भाग खड़ा हुआ। अजय त्रिपाठी अपराधी होने कारण अपना नाम बदलकर मुंबई में रह रहा था उसने अपना नाम बदलकर अक्षय किया था साथ ही अपने सभी दस्तावेजों में जालसाजी भी की थी। मुंबई की एक फूड डिलीवरी सेंटर में वह काम कर रहा था कल दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच ने मुंबई के चेंबूर आकर उसकी गिरफ्तारी की तब यह मामला सामने आया।

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इंटरनेशनल आतंकी संगठन बब्बर खालसा का आतंकवादी  भी ऐसे ही काम कर रहा था

इसी महीने इंटरनेशनल आतंकी संगठन बब्बर खालसा का आतंकवादी मानखुर्द से पकड़ा गया था वह भी मानखुर्द की एक मेट्रो निर्माण कंपनी में काम कर रहा था आतंकी संगठन को हत्यार सप्लाई के मामले में आरोपी था। कल दिल्ली के मर्डर का आरोपी चेंबूर से पकड़ने के बाद अब यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या मुंबई अपराधी लोगों के लिए छुपने के लिए कोई शहर तो नहीं बनता जा रहा ? अब ऐसे में सरकार को कामगार कानून तहत सख्त कदम उठाने चाहिए।

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