शाह बोले- शासकों को खुश करने के लिए लिखे गए इतिहास को मुक्त करने का वक्त आ गया
By DELHI BUREAU, Newsfirst24.in
Published: December 02, 2025, 10:05 PM

Preparations to change the name of Kashmir, it may be Kashyap
नई दिल्ली। अब जम्मू काश्मीर का नाम बदलने की तैयारी है। इसके बदलकर कश्यप हो सकता है। यह बात गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दिल्ली में ‘जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख थ्रू द एजेस’ पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में कही।
उन्होंने कहा-कश्मीर का नाम कश्यप के नाम पर हो सकता है। इतिहासकारों ने कश्मीर का इतिहास पुस्तकों के जरिए बताने की कोशिश की। मेरी इतिहासकारों से अपील है कि प्रमाण के आधार पर इतिहास लिखें। उल्लेखनीय है कि कश्यप ऋषि ब्रम्माजी के मानस पुत्र मरीची के पुत्र थे। उन्होंने काश्मीर में तपस्या की थी।
लुटियन से जिमखाना तक इतिहास सीमित था
अमित शाह ने कहा- 150 साल का एक दौर था, जब इतिहास का मतलब दिल्ली दरीबा से बल्ली मारान तक और लुटियन से जिमखाना तक था। इतिहास यहीं तक सीमित था। यह समय शासकों को खुश करने के लिए लिखे गए इतिहास से खुद को मुक्त करने का है। मैं इतिहासकारों से अपील करता हूं कि वे हमारे हजारों साल पुराने इतिहास को तथ्यों के साथ लिखें।
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शाह ने कहा कि कश्मीर का भारत से न टूटने वाला जोड़ है। लद्दाख में मंदिर तोड़े गए, कश्मीर में आजादी के बाद गलतियां हुईं, फिर उन्हें सुधारा गया। शंकराचार्य का जिक्र, सिल्क रूट, हेमिष मठ से साबित होता है कि कश्मीर में ही भारत की संस्कृति की नींव पड़ी थी। सूफी, बौध और शैल मठ सभी ने कश्मीर में विकास किया। देश की जनता के सामने सही चीजों को रखा जाए।















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