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भाजपा ने रविंद्र चव्हाण के लिए बनाया नया पद, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाया, नई रणनीति की चर्चा

भाजपा ने रविंद्र चव्हाण के लिए बनाया नया पद, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाया, नई रणनीति की चर्चा

भाजपा ने खेला “मराठा कार्ड”

  • शिर्डी में हुए पार्टी अधिवेशन में पूर्व मंत्री रविंद्र चव्हाण को प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया
  • भाजपा की पुरानी प्रदेश कार्यकारणी को 3 साल बीत चुके है

By Arvind Jadhav, Newsfirst24.in

Published: December 13, 2025, 02:09 PM

भाजपा ने रविंद्र चव्हाण के लिए बनाया नया पद, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाया, नई रणनीति की चर्चा

मुंबई : महाराष्ट्र के शिर्डी में हुए पार्टी अधिवेशन में पूर्व मंत्री रविंद्र चव्हाण को प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है गौरतलब है कि इस नए पद का निर्माण भी इसी अधिवेशन में किया गया है। हालही में भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश संगठन में नए सिरे से पुनः गठन शुरू हुआ है भाजपा की पुरानी प्रदेश कार्यकारणी को 3 साल बीत चुके है।

कई सारे नए चेहरे को मौका दिए जाने वाला है

इस नए गठन में कई सारे नए चेहरे को मौका दिए जाने वाला है साथी पुराने चेहरों को भी कायम रखा जाने वाला है। सबसे बड़ी चौकाने वाली बात पूर्व मंत्री रविंद्र चव्हाण को महाराष्ट्र प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी गई है कुछ अंतराल के बाद वही महाराष्ट्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।

रविंद्र चव्हाण की नियुक्ति के पीछे भाजपा के कई सारे राजनीतिक दांवपेंच हो सकते हैं। लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञ इसे मराठा कार्ड बता रहे हैं। गौरतलब है की पिछले साल मराठा समाज ने बड़े पैमाने पर आरक्षण की मांग की थी और मराठा मुख्यमंत्री होने नाते एकनाथ शिंदे ने भी इसे जल्द लागू करने का वादा मराठा समाज को दिया था।

मुंबई महानगर पालिका में सत्ता बदलाव की होगी नई जिम्मेदारी

भाजपा ने रविंद्र चव्हाण के लिए बनाया नया पद, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाया, नई रणनीति की चर्चा

रविंद्र चव्हाण यह विद्यार्थी जीवन की शुरू से ही भाजपा से जुड़े हुए हैं वह डोंबिवली विधानसभा से तीन बार विधायक भी चुन के आए हैं। पिछली भाजपा सरकार में वह मंत्री भी रह चुके हैं वह मुख्यमंत्री देवेंद्र के करीबी माने जाते हैं। अभी यह जिम्मेदारी लेकर वह मुंबई महानगर पालिका के साथ कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका और कोकण के स्थानिक निकाय चुनाव में भी अपनी क्षमता सिद्ध कर चुके हैं। 

भाजपा को कल्याण, डोंबिवली और ठाणे के साथ कोकण प्रदेश में भी जीत में बड़ा योगदान दिया

पार्टी को आनेवाले सभी निगम और जिला पंचायत चुनाव में विधानसभा जैसी जीत देने के लिए नई रणनीति तैयार कर सकते हैं। सभी जानते है कि पिछले विधानसभा चुनाव में रविंद्र चव्हाण ने भाजपा को कल्याण, डोंबिवली और ठाणे के साथ कोकण प्रदेश में भी जीत में बड़ा योगदान दिया है। इसी वजह से मुंबई, ठाणे और कोंकण में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट को करारी हार का सामना करना पड़ा जो कि कभी शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट का गढ़ माना जाता था। अब सभी राजनीतिक दलों का लक्ष्य मुंबई महानगर पालिका पर है इसपर 30 साल के लंबे अरसे से शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट की सत्ता है।

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रविंद्र चव्हाण से एकनाथ शिंदे पर भी अंकुश लग सकता है

पिछले लोकसभा चुनाव में कल्याण डोंबिवली के निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे सांसद श्रीकांत शिंदे चुनाव लड़े मगर महायुति गठबंधन में अंदरूनी गतिविधियां के चलते सिर्फ रविंद्र चव्हाण ने ही शिंदे पिता पुत्र का खुलकर विरोध किया था। दूसरी अहम बात यह भी है कि ठाणे मनपा की सत्ता एकनाथ शिंदे के पास है यह दूसरी बड़ी महानगर पालिका है और रविंद्र चव्हाण इस में भी कुछ हद तक बदलाव लाने की आशा भाजपा नेतृत्व को है।

एकनाथ शिंदे को अपने ही घर ठाणे और कल्याण डोंबिवली में लगाम लगाने का खेल

इस बात को भी भाजपा नेतृत्व ने गंभीरता से लेते हुए दिख रहा है हाल ही में महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी जीत बाद एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस का मुख्यमंत्री पद को लेकर संघर्ष पूरे देश ने देखा है।

यह भी एक कारण देवेंद्र फडणवीस ने रविंद्र चव्हाण की नियुक्ति कर एकनाथ शिंदे को अपने ही घर ठाणे और कल्याण डोंबिवली में लगाम लगाने पर खेला गया होगा ऐसा भी राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं। जल्द ही आनेवाले मुंबई महानगर पालिका चुनाव साथ स्थानीय निकाय चुनावों के चलते अब भाजपा इकाई में हो रहे बदलाव से अन्य दूसरे दल भी अपने संगठन में बदल कर सकते है यह भी देखना होगा।

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