- कई गांव के लोगों को आ रही थी परेशानी, एक सप्ताह में ही पूरे बाल झड़ जाते हैं
- बाल झड़ने वाले लोगों की गहन जांच हुई, महिलाओं को भी आ रही है समस्या
बुलढाणा-वसीम शेख
बाल झडने के बाधित क्षेत्र के गाँवो में आयसीएमआर के दल दाखिल… आयसीएमआरचे पथक दाखल

बुलढाणा। महाराष्ट्र के बुलढाना शहर में अजब बीमारी फैल रही है। यहां के 3 गांवों में पिछले 3 दिन में अचानक 60 लोग गंजेपन का शिकार हुए हैं। यह बीमारी करीब 12 गांव में फैल गई जिसमें अभी तक 178 मरीज सामने आए हैं। यह मुद्दा पूरे देश में कुछ दिनों से छाया रहा। इसकी जांच करने के लिए दिल्ली और चैन्नई के विशेषज्ञों की टीम गांव में मंगलवार को पहुंची। यहां लोगों के बालों की गहन जांच की गई।
बाल झड़ने वाले गांवों की जांच की
बुलढाणा जिले के शेगांव तहसील में के बाल झड़ने के बाधित गाँवो में जाँच करने हेतु भारतीय वैद्यकीय संशोधन परिषद अर्थात दिल्ली और चेन्नई ICMR के दल दाखिल हुए है. इस दल में शामिल विशेषज्ञों की टीम बुलढाणा जिले के स्वास्थ अधिकारियो के साथ प्राथमिक चर्चा की। उसके बाद उन्होंने बाल झड़ने वाले वाले गांवों में लोगों के बालों की जांच की।
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बुलढाणा जिले मे 178 मरीज

बुलढाणा जिले मे 178 मरीज इस बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं। चैन्नई और दिल्ली के दल मे नॅशनल इन्स्टिट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी चेन्नई के डॉ. मनोज मुन्हेकर,एम्स, नवी दिल्ली के डॉ. सोमेश गुप्ता, आयसीएमआर, नवी दिल्ली के डॉ सुमित अग्रवाल, आयसीएमआर, नॅशनल इन्स्टिट्यूट ऑफ ट्रान्सलेशनल व्हायरोलॉजी, पुणे के डॉ. शीला गोडबोले, नॅशनल इन्स्टिट्यूट ऑफ रिसर्च इन एन्व्हायर्नमेंटल हेल्थ, भोपाळ के संचालक डॉ राज तिवारी,आयसीएमआर नॅशनल इन्स्टिट्यूट ऑफ ट्रान्सलेशनल व्हायरोलॉजी, पुणे के डॉ सुचित कांबळे इनका सहभाग है।
शहर के शेगाव तहसील के बोंडगांव, कालवड़ और हिंगना गांवों में बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सभी लोगों के बाल झड़ने लगे हैं। इससे सभी गंजे होते जा रहे हैं, यहां तक कि महिलाएं भी इसका शिकार हो रही हैं।
गांवों में जाकर सर्वे पूरा कर लिया है
गांवों में फैल रही ये बीमारी कौन सी है, अभी इसका पता नहीं चल पाया है। यह बीमारी जेनेटिक है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इन गांवों में जाकर सर्वे पूरा कर लिया है। साथ ही पानी का सैंपल भी ले लिया गया है।
इस बीमारी के पहले दिन व्यक्ति के सिर में खुजली शुरू होती है। दूसरे दिन से बाल हाथ में आने शुरू हो जाते हैं, और तीसरे दिन मरीज गंजा हो जाता है। इस बीमारी से सबसे ज्यादा महिलाएं पीड़ित हैं। अधिकतर मरीजों ने प्राइवेट अस्पताल में अपना इलाज कराना शुरू कर दिया है।











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