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अचंभा: नवजात बच्ची के गर्भ में पल रहे थे दो और जुड़वा बच्चे, सर्जरी कर निकाला

अचंभा: मां के पेट में लड़का, लड़के के पेट में दो और बच्चे, सर्जरी कर निकाले

By Durvas rokade, Newsfirst24.in

Published: February 05, 2025, 03:13 PM

अचंभा: मां के पेट में लड़का, लड़के के पेट में दो और बच्चे, सर्जरी कर निकाले

बुलढाणा, 4 फरवरी: चिकित्सा जगत में एक अत्यंत दुर्लभ मामला सामने आया है, जिसमें बुलढाणा में जन्मे नवजात शिशु के गर्भ में ही दो भ्रूण पाए गए। यह दुर्लभ स्थिति ‘फिटस इन फिटू’ (Fetus in Fetu) कहलाती है, जिसमें भ्रूण के अंदर दूसरा भ्रूण विकसित होने लगता है।

तीन दिन पहले हुआ था बच्चे का जन्म

28 जनवरी को बुलढाणा जिला सामान्य अस्पताल में एक गर्भवती महिला की सोनोग्राफी के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि उसके गर्भ में पल रहे शिशु के पेट में भी भ्रूण विकसित हो रहा था। इसके बाद, 31 जनवरी को महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन चूंकि मामला जटिल था, इसलिए उसे अमरावती के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में रेफर किया गया।

सफल सर्जरी: 3-3 इंच के भ्रूण निकाले गए

आज 4 फरवरी को अमरावती के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में बाल शल्य चिकित्सक डॉ. उषा गजभिये के नेतृत्व में एक डेढ़ घंटे की जटिल सर्जरी की गई। ऑपरेशन के दौरान शिशु के पेट से दो छोटे भ्रूण निकाले गए, जिनकी लंबाई तीन-तीन इंच थी।

डॉ. गजभिये ने बताया कि इन भ्रूणों के दो हाथ और दो पैर थे, लेकिन सिर विकसित नहीं हुआ था। यह एक अत्यंत दुर्लभ चिकित्सा स्थिति थी, जिसका सफलतापूर्वक इलाज किया गया।

दुर्लभ मामलों में से एक, केवल 33 मामले दर्ज

डॉ. गजभिये के अनुसार, यह महाराष्ट्र में दर्ज हुआ 33वां मामला है। इससे पहले 2002 में नागपुर मेडिकल कॉलेज में ऐसा ही एक मामला सामने आया था, लेकिन उस समय केवल एक भ्रूण ही बच्चे के पेट में मिला था।

अब तक पूरे महाराष्ट्र में गर्भ में भ्रूण पाए जाने के 270 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि, दो भ्रूण विकसित होने का यह मामला बेहद अनोखा और दुर्लभ है।

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बच्चे की हालत स्थिर, गहन चिकित्सा इकाई में निगरानी

सर्जरी के बाद नवजात शिशु सामान्य स्थिति में है और उसे गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। डॉ. गजभिये ने कहा कि यह चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और अमरावती सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए महत्वपूर्ण सर्जरी साबित हुई है।

अमरावती अस्पताल को रेफर करने का निर्णय सही साबित हुआ

शुरुआत में बच्चे को औरंगाबाद ले जाने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन बुलढाणा जिला सामान्य अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे अमरावती भेजने का निर्णय लिया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ।

अमरावती सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में छोटे बच्चों की सर्जरी और नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे यह सर्जरी सफलतापूर्वक की जा सकी।

10 डॉक्टरों की टीम ने दिया सफलता को अंजाम

इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में बाल शल्य चिकित्सक डॉ. उषा गजभिये के साथ डॉ. नवीन चौधरी, डॉ. मंगेश मेंढे और नर्सों सहित 10 लोगों की मेडिकल टीम शामिल थी।

यह दुर्लभ सर्जरी चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई है, और अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।

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