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मौनी अमावस्या की घटनाओं से घबराया प्रशासन अब माघी पूर्णिमा पर हाई अलर्ट

मौनी अमावस्या की घटनाओं से घबराया प्रशासन अब माघी पूर्णिमा पर हाई अलर्ट

माघी पूर्णिमा पर महाकुंभ में कड़ी सुरक्षा, सीएम योगी की मॉनिटरिंग जारी

प्रयागराज को पूरी तरह से ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित कर दिया गया है

By  BUREAU, Newsfirst24.in

Published: February 12, 2025, 02:43 PM

मौनी अमावस्या की घटनाओं से घबराया प्रशासन अब माघी पूर्णिमा पर हाई अलर्ट

मौनी अमावस्या की घटनाओं से घबराया प्रशासन अब माघी पूर्णिमा पर हाई अलर्ट

प्रयागराज। माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर संगम नगरी प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। मौनी अमावस्या के दौरान हुई अव्यवस्था और जाम की घटनाओं के बाद प्रशासन इस बार पहले से ज्यादा सतर्क है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पूरे आयोजन की निगरानी कर रहे हैं और महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए वार रूम से मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

मौनी अमावस्या की घटनाओं से सबक, प्रशासन हाई अलर्ट पर

मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर संगम क्षेत्र में उमड़ी अपार भीड़ के कारण भगदड़ की स्थिति बन गई थी, जिससे कई लोग घायल हो गए थे और कुछ की जान चली गई थी। इसके अलावा, लगभग 300 किमी तक फैले भीषण जाम ने श्रद्धालुओं को भारी परेशानी में डाल दिया था। इस बार ऐसी घटनाओं से बचने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय बैठक कर सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रयागराज जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को लखनऊ बुलाकर विस्तृत चर्चा की गई और भीड़ नियंत्रण के लिए कई नए उपाय लागू किए गए हैं।

संगम क्षेत्र में हाई सिक्योरिटी, सीएम योगी की सीधी निगरानी

मौनी अमावस्या की घटनाओं से घबराया प्रशासन अब माघी पूर्णिमा पर हाई अलर्ट मौनी अमावस्या की घटना से सबक लेकर महाकुंभ की भीड़ प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री आवास में एक विशेष वार रूम स्थापित किया गया है, जहां से सीएम योगी खुद सुबह 4 बजे से ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। डीजी प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी लगातार अपडेट ले रहे हैं और निर्देश जारी कर रहे हैं।

‘नो व्हीकल जोन’ घोषित, शहर में वाहनों की एंट्री बंद

प्रयागराज को पूरी तरह से ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित कर दिया गया है। शहर के बाहरी हिस्सों में श्रद्धालुओं के वाहनों को रोकने के लिए 20-30 किमी दूर पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं को संगम तक पहुंचने के लिए पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। भीड़ नियंत्रण के लिए शटल बसें भी चलाई जा रही हैं, हालांकि उनकी संख्या सीमित है। प्रशासन ने कई मार्गों में बदलाव कर ट्रैफिक को सुचारू बनाने के प्रयास किए हैं।

डीएम, IAS और PCS अफसरों की तैनाती से सुरक्षा पुख्ता

मौनी अमावस्या की घटनाओं से घबराया प्रशासन अब माघी पूर्णिमा पर हाई अलर्ट महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए 15 जिलों के डीएम, 20 IAS और 85 PCS अधिकारियों को विशेष रूप से तैनात किया गया है। संगम क्षेत्र में अर्धसैनिक बलों की भारी मौजूदगी है, जो लगातार भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर घाटों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और स्नान के बाद श्रद्धालुओं को संगम से अन्य घाटों की ओर भेजा जा रहा है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

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2.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने की संभावना

महाकुंभ प्रशासन का अनुमान है कि माघी पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर 2.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे। सुबह से ही लाखों श्रद्धालु स्नान के लिए उमड़ पड़े हैं और करीब 10-15 किमी तक लंबी कतारें देखी जा रही हैं। प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि स्नान के बाद सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से बाहर निकाला जाए।

सीएम योगी की सख्ती के चलते हालात नियंत्रण में

अब तक प्रशासन की सख्ती और अतिरिक्त सुरक्षा उपायों के चलते महाकुंभ में हालात नियंत्रण में हैं। पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार की गई व्यवस्थाएं भीड़ प्रबंधन की दिशा में एक सकारात्मक पहल साबित हो रही हैं। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु भी प्रशासन की व्यवस्था से संतुष्ट नजर आ रहे हैं।

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