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नांदेड़ के एकलव्य रेजिडेंशियल स्कूल में लापरवाही का खुलासा: गंदगी और पीने के पानी की समस्या से छात्राएं घर लौटने को मजबूर

नांदेड़ के एकलव्य रेजिडेंशियल स्कूल में लापरवाही का खुलासा: गंदगी और पीने के पानी की समस्या से छात्राएं घर लौटने को मजबूर

नांदेड़: महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में स्थित एकलव्य रेजिडेंशियल स्कूल, जो केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है, में छात्रों के प्रति हो रही लापरवाही का मामला सामने आया है। गंदगी, दूषित पानी और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण छात्राएं अपने घर वापस जाने को मजबूर हैं।

स्कूल में सुविधाओं की बदहाली, छात्राओं को हो रही परेशानी

नांदेड़ के एकलव्य रेजिडेंशियल स्कूल में लापरवाही का खुलासा: गंदगी और पीने के पानी की समस्या से छात्राएं घर लौटने को मजबूर

यह सीबीएसई पैटर्न पर आधारित एकलव्य आवासीय विद्यालय है, जिसमें कक्षा छठी से 12वीं तक कुल 369 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। इस स्कूल में 22 कर्मचारियों का स्टाफ कार्यरत है, लेकिन बावजूद इसके छात्रों को पीने का स्वच्छ पानी तक उपलब्ध नहीं है। गंदे शौचालय, खराब बेड और भोजन की असुविधा के कारण छात्राओं की स्थिति दयनीय हो गई है।

आवासीय विद्यालय की दुर्दशा, शिक्षा पर बुरा प्रभाव

नांदेड़ के एकलव्य रेजिडेंशियल स्कूल में लापरवाही का खुलासा: गंदगी और पीने के पानी की समस्या से छात्राएं घर लौटने को मजबूर

आदिवासी छात्रों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने नांदेड़ जिले के किनवट तहसील, सहस्त्रकुंड स्थित नवोदय विद्यालय की भूमि पर इस स्कूल की स्थापना की थी। यहाँ मराठवाड़ा और विदर्भ के विभिन्न जिलों से छात्राएं बेहतर शिक्षा के लिए आती हैं। लेकिन स्टाफ की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।

बुनियादी सुविधाओं की कमी: बीमार पड़ रहे छात्र

स्कूल में स्वच्छ पेयजल, पौष्टिक भोजन, बेड, शौचालय और स्नानघर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। दूषित पानी के कारण कई छात्राएं बीमार पड़ रही हैं। अभिभावक भी इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं और अपने बच्चों को घर ले जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं

प्रशासन पर लापरवाही के आरोप, समाधान की मांग

अभिभावकों का आरोप है कि जब वे इस समस्या को लेकर स्कूल प्रिंसिपल के पास शिकायत लेकर गए तो उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया। स्कूल प्रशासन की इस उदासीनता से छात्राओं की स्थिति बदतर हो रही है

सरकार से उचित कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने सरकार से मांग की है कि स्कूल की अव्यवस्थाओं को दूर किया जाए और छात्रों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मीडिया के माध्यम से यह मुद्दा उठाया जा रहा है ताकि सरकार तक छात्रों की परेशानियों की आवाज पहुंचे और जल्द से जल्द सुधारात्मक कदम उठाए जाएं

नांदेड़ के इस एकलव्य रेजिडेंशियल स्कूल की स्थिति बेहद चिंताजनक है। सरकार और प्रशासन को जल्द ही बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि आदिवासी छात्राएं बिना किसी परेशानी के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें

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