By वसीम शेख, Newsfirst24.in
Published: February 25, 2025, 03:12 PM
बुलढाणा। महाराष्ट्र कांग्रेस में हाल ही में हुए नेतृत्व परिवर्तन के बाद, पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के उपाध्यक्ष और पूर्व बुलढाणा जिला अध्यक्ष विजय अंभोरे ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। यह घटना नए प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के गृहनगर बुलढाणा में हुई, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
नेतृत्व परिवर्तन और इस्तीफे की पृष्ठभूमि
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हाल ही में महाराष्ट्र कांग्रेस में बड़ा फेरबदल करते हुए हर्षवर्धन सपकाल को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। सपकाल ने नाना पटोले की जगह ली है, जिन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद इस्तीफा दे दिया था।
विजय अंभोरे का इस्तीफा: कारण और प्रभाव
सूत्रों के अनुसार, हर्षवर्धन सपकाल की नियुक्ति से असंतुष्ट होकर विजय अंभोरे ने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। हालांकि, अंभोरे ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनका इस्तीफा किसी व्यक्तिगत नाराजगी के कारण नहीं है। उनके इस कदम से बुलढाणा जिले में कांग्रेस की स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, विशेषकर आगामी चुनावों के मद्देनजर।
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हर्षवर्धन सपकाल: एक परिचय
- पूर्व विधायक: हर्षवर्धन सपकाल 2014 से 2019 तक महाराष्ट्र के बुलढाणा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
- राहुल गांधी के करीबी: सपकाल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं और पार्टी में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
की चुनौतियाँ
नए नेतृत्व के बावजूद, महाराष्ट्र कांग्रेस को आंतरिक असंतोष और इस्तीफों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विजय अंभोरे जैसे वरिष्ठ नेताओं का पार्टी छोड़ना संगठन के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि पार्टी इस संकट से कैसे निपटती है और आगामी चुनावों में अपनी स्थिति को कैसे मजबूत करती है।











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