वसीम अनवर शेख
बुलढाणा – केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालयद्वारा पूरे देश में चलाए गए ‘देश का प्रकृति परीक्षण’ अभियान को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। इस अभियान के तहत आयुष मंत्रालय ने पांच गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। इसकी जानकारी केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने बुलढाणा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
इस अभियान की शुरुआत 26 नवंबर 2024 (संविधान दिवस) को हुई थी और यह 25 दिसंबर 2024 तक चला। इसे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के उपलक्ष्य में पूरे देश में संचालित किया गया। इस एक महीने की अवधि में 1 करोड़ 29 लाख से अधिक नागरिकों के स्वास्थ्य परीक्षण सफलतापूर्वक किए गए, जिसकी वजह से इस अभियान का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।
पांच नए विश्व रिकॉर्ड बने
केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि इस अभियान के तहत पांच नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी स्थापित किए गए। उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड भारत में स्वास्थ्य सेवा की प्रतिबद्धता और आयुर्वेद को मिल रही वैश्विक मान्यता का प्रतीक हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर इस अभियान की घोषणा की थी। आयुष मंत्री ने बताया कि आने वाले समय में जिला और तहसील स्तर पर भी आयुर्वेदिक औषधालय शुरू करने की योजना है।
इस अभियान में 1,81,667 स्वयंसेवकों ने योगदान दिया, जिनका आभार व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘देश का प्रकृति परीक्षण’ अभियान भारत की विविधता में एकता का उदाहरण है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल से भारत के स्वास्थ्य नेतृत्व की पुष्टि हुई है। साथ ही, आयुर्वेद की रोग निवारक क्षमता और जीवनशैली प्रबंधन में भूमिका भी इस अभियान के जरिए उजागर हुई है। यह डेटा-आधारित दृष्टिकोण, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के बीच की खाई को पाटने में मदद करेगा, जिससे भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई गति मिलेगी।
बाइट: प्रतापराव जाधव, केंद्रीय आयुष मंत्री











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