वाळूज महानगर – निलेश भारती
सिडको प्रशासन द्वारा दो साल पहले नागरी समस्याओं को हल करने का लिखित आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। इस वादाखिलाफी के खिलाफ ठाकरे सेना (उद्धव गुट) ने शुक्रवार को सुबह 11 बजे सिडको कार्यालय के सामने प्रशासन के पत्र का प्रतीकात्मक ‘श्राद्ध’ कर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।
दो साल बाद भी समस्याएँ जस की तस
फरवरी 2023 में ठाकरे गुट के उपशहर प्रमुख दत्तात्रय वरपे ने सिडको कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन उपवास शुरू किया था। इस आंदोलन के दबाव में आकर सिडको प्रशासन ने जल्द ही समस्याओं का समाधान करने का लिखित आश्वासन दिया था। लेकिन अब दो साल बीत चुके हैं, फिर भी एलआईजी और एमआईजी कॉलोनियों की समस्याएँ ज्यों की त्यों बनी हुई हैं।
लोगों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए ठाकरे सेना ने प्रशासन को घेरने के लिए इस अनोखे विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। उनका कहना है कि जब सिडको अपने ही आश्वासन को भूल गया है, तो इसका श्राद्ध करना ही उचित है।
तीस साल से लंबित बुनियादी सुविधाएँ
सिडको वाळूज महानगर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव पिछले तीस सालों से बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से सिर्फ कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रहा है। प्रमुख समस्याएँ इस प्रकार हैं:
- अंतर्गत सड़कें: कॉलोनियों की सड़कें पिछले 30 वर्षों से अधूरी पड़ी हैं। जहाँ कहीं भी मरम्मत हुई, वहाँ घटिया निर्माण के कारण चार-पाँच दिन में ही सड़कें उखड़ जाती हैं।
- गंदा पानी: अल्प आय वर्ग (एलआईजी) कॉलोनियों में नलों से अशुद्ध पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ बढ़ रही हैं।
- ड्रेनेज जाम: जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से कॉलोनियों में ड्रेनेज आए दिन चोकअप हो जाते हैं, जिससे गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
- बंद स्ट्रीट लाइट और कूड़े के ढेर: कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं, जिससे रात के समय दुर्घटनाओं और असामाजिक गतिविधियों का खतरा बना रहता है। इसके अलावा, जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे कॉलोनियों का हाल बदतर हो गया है।
प्रशासन ने आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज की शिकायत
इस विरोध प्रदर्शन के बाद सिडको प्रशासन ने एमआईडीसी पुलिस थाने में दत्तात्रय वरपे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसके जवाब में वरपे ने भी सिडको अधिकारी कपिल राजपूत के खिलाफ शिकायत दी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब तक प्रशासन ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक वे लगातार संघर्ष करते रहेंगे। सिडको की वादाखिलाफी से जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है, और यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा।
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