By धम्मशील सावंत, Newsfirst24.in
Published: march 04, 2025, 07:42 PM
सैकड़ों लोगों ने किया मार्च, कहा- स्मार्ट मीटर आम आदमी की पहुंच से बाहर
रायगढ़ जिले के म्हसला शहर में स्मार्ट मीटर के खिलाफ नागरिकों का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया है। सोमवार को म्हसला तालुका संघर्ष समिति के नेतृत्व में सैकड़ों नागरिकों ने महावितरण (एमडिस्ट्रिब्यूशन) कार्यालय के बाहर विरोध मार्च निकाला और स्मार्ट मीटर को हटाने की मांग की। नागरिकों का कहना है कि ये मीटर महंगे हैं, पारदर्शिता की कमी है और इससे बिजली बिल में अनावश्यक बढ़ोतरी हो सकती है।
महावितरण अधिकारियों को घेरा, स्मार्ट मीटर लगाने से इनकार

प्रदर्शनकारियों ने म्हसला के उप कार्यकारी अधिकारी एस.जी. पालशेतकर से मुलाकात की और अपनी आपत्तियां दर्ज करवाईं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे इन मीटरों का उपयोग नहीं करेंगे। नागरिकों ने महावितरण अधिकारियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कंपनी द्वारा जबरन स्मार्ट मीटर लगाने का प्रयास किया जा रहा है, जो आम लोगों के हित में नहीं है।
स्मार्ट मीटर पर नागरिकों की मुख्य आपत्तियां
बिजली बिल में वृद्धि की आशंका – नागरिकों को डर है कि स्मार्ट मीटर के कारण बिजली बिलों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है।- टेक्नोलॉजी में पारदर्शिता की कमी – लोगों को संदेह है कि स्मार्ट मीटर के रीडिंग सिस्टम में गड़बड़ी हो सकती है, जिससे मनमाने बिल आ सकते हैं।
- आम जनता की पहुंच से बाहर – स्मार्ट मीटर की लागत और इसकी मेंटेनेंस को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
- बिना सहमति के इंस्टॉलेशन – कई स्थानों पर बिना उपभोक्ताओं की सहमति के ये मीटर लगाए जा रहे हैं, जिसे लेकर नाराजगी है।
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प्रशासन ने दिया आश्वासन, लेकिन संघर्ष जारी रहेगा
प्रदर्शन के बाद महावितरण के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को उच्च स्तर पर भेजा जाएगा और इस मुद्दे पर जल्द ही चर्चा की जाएगी। हालांकि, म्हसला तालुका संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले में ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
सरकार और कंपनियों के लिए संदेश
यह प्रदर्शन केवल म्हसला तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई हिस्सों में स्मार्ट मीटर के खिलाफ आवाज उठ रही है। सरकार और बिजली कंपनियों को इस विषय पर जनता की चिंताओं को गंभीरता से लेना होगा, ताकि उपभोक्ताओं का विश्वास बना रहे।











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