By रवि आर्य, Newsfirst24.in
Published: march 07, 2025, 04:04 PM
गोंदिया। गोंदिया जिले में किसानों के लिए अनुदानित खाद की सही उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पॉस मशीन से खाद बेचना अनिवार्य कर दिया है। बावजूद इसके, कई कृषि केंद्र संचालक ऑफलाइन पद्धति से खाद की बिक्री कर रहे थे, जिससे कालाबाजारी की संभावनाएं बढ़ गईं।
कृषि विभाग का सख्त एक्शन
कृषि विभाग को इस संबंध में शिकायतें मिलने के बाद 31 कृषि केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इनमें 20 केंद्रों के लाइसेंस एक महीने के लिए, 10 केंद्रों के लाइसेंस 15 दिनों के लिए, और 1 कृषि केंद्र का कीटनाशक लाइसेंस एक महीने के लिए निलंबित किया गया है।
ऑफलाइन बिक्री क्यों अवैध?
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी के अनुसार, सब्सिडी वाली खाद की ऑफलाइन बिक्री गैरकानूनी है। निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित अनियमितताएं पाई गईं:
- मूल्य स्टॉक बोर्ड अपडेट न करना
- बिना लाइसेंस प्रमाण पत्र के खाद बेचना
- स्टॉक और बिक्री रजिस्टर न रखना
- बिल पर किसान के हस्ताक्षर और बैच नंबर न लिखना
- उत्पादन की तारीख दर्ज न करना
किन कृषि केंद्रों पर हुई कार्रवाई?
1 महीने के लिए निलंबित लाइसेंस:
- सड़क अर्जुनी, गोंदिया, अर्जुनी मोरगांव, आमगांव, देवरी तहसील के 20 कृषि केंद्र
15 दिनों के लिए निलंबित लाइसेंस:
- नवेगांवबांध, आमगांव, तिरोड़ा, चिचगड़ आदि के 10 कृषि केंद्र
1 माह के लिए कीटनाशक लाइसेंस निलंबित:
- भूमिपुत्र कृषि केंद्र, बनगांव (आमगांव)
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EC एक्ट के तहत होगी कड़ी कार्रवाई
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताएं दोहराई जाती हैं, तो संबंधित विक्रेताओं पर उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम (EC Act) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की इस सख्ती से किसानों को सही मूल्य पर खाद उपलब्ध हो सकेगी और कालाबाजारी पर रोक लगेगी।











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