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Ritu Malu hit and run case रितु मालू के जेल में बुरे हाल, बात-बात पर रो देती हैं

रितु मालू

 Newsfirst24.in  Exclusive 

Published: October 25, 2024, 04:25  pm

Ritu Malu Hit and Run Case-जेल का खाना पसंद नहीं आ रहा है

-कई अपराधिक गुटों के बीच घिरी हैं

-परिवार और वकीलों से एक ही सवाल वह बाहर कब आएंगी

Exclusive, Newsfirst24.in

Published: October 25, 2024, 04:47 AM”

Ritu Malu

 रितिका उर्फ रितु मालू  (Ritu Malu ) प्रोफाइल केस Newsfirst24.in के आप कुछ नए अपडेट सामने आए हैं। हमने यह जानने का प्रयास किया कि आखिर रितु मालू के जेल में कैसे दिन कट रहे हैं।

(Ramjhula hit and run case) रामझूला हिट एंड रन मामले में आरोपी रितु मालू जेल में बात-बात पर रो रही हैं। रितु मालू केस पिछले कई महीनों से नागपुर ही नहीं महाराष्ट्र की मीडिया के बीच सुखिर्यों में हैं। इस केस में पुलिस के लेकर कोर्ट तक कई बार संदेह के घेरे में आए।

जेल सूत्रों से मिली जानकारी

(Ritu Malu Hit and Run Case)  रितु मालू (Ritu Malu ) के वीआईपी केस का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रितु के लिए रात में कोर्ट (court)  खोली गई थी। जो अपने पास में इस केस को खास बनाता है।  सीआईडी को उन्हें रात में अपनी कस्टडी में लेने के अधिकार मिले। पूरी मीडिया में रितु के केस की एक-एक बारीक बातों पर रिपोर्टिंग हो रही है।

ऐसे में Newsfirst24 ने यह जानने का प्रयास किया कि आखिर जेल में रितु मालू  कैसे दिन काट रही हैं। इसके लिए हमारे जेल से जुड़े सूत्रों की मदद ली गई। उनसे मिली जानकारी के अनुसार कई बातों का खुलासा हुआ है। पता चला है कि रितु मालू जैसे सख्त महिला अब जेल में बात-बात पर रो रही हैं।

बातबात पर रो देती हैं रितु

रितु मालू नागपुर से जुड़ी एक बड़ी कंपनी की मालिक हैं और उनकी हाई-प्रोफाइल लाइफ स्टाइल से हर कोई वाकिफ है। ऐसे में नागपुर सेंट्रल जेल में उनके दिन अच्छे नहीं बीत रहे हैं। रितु से जब भी कोई उनके केस  (Ramjhula hit and run case) से जुड़ी बात  करता है तो बात-बात पर रो देती हैं। जिसकी कल्पना भी शायद उनके जनने वाले नहीं कर सकते है।

कई अपराधिक संगठन से जुड़ी महिलाओं के बीच घिरी

27 सितंबर को सीआईडी ने रितु को रातभर उनके घर में कस्टडी में रखकर सुबह 5.30 पर (Arrest of Ritu Malu) गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें पीसीआर और फिर सेंट्रल जेल जाना पड़ा। हालांकि उन्हें जेल नहीं जाना पड़े इसके लिए करीब एक महीने तक वह फरार नहीं और आरोप है कि इसके पहले उन्होंने पुलिस से सेटिंग कर जमानत भी ले ली थी। जो बाद में मामला उजागर होने के बाद खारिज हुई। वर्तमान में रितु कई अपराधिक संगठनों से जुड़ी महिला अपराधियों के बीच घिरी हैं।

(ritu malu in jail) जेल की एंट्री में ही सहम गईं थी मालू

रितु की जैसे ही सेंट्रल जेल में एंट्री हुई उन्होंने जेल में कदम रखते ही रोना शुरू कर दिया था। सूत्रों के अनुसार वह दुपट्‌टे से बार-बार अपना रोना छिपाती रहीं। जेल का स्टॉफ बार-बार उनसे उनका नाम पता और केस से जुड़ी  जानकारियां पूछ रहे थे और वह जवाब देते समय बार-बार  सहम रही थीं।

रितु मालू ने शुरआत में खाना नहीं खाया

रितु मालू को जब जेल मैन्युअल (Jail Manual) के अनुसार पहली बार खाना दिया गया तो वह खाना देखर ही चौंक गई थी। उन्हें एक प्लेट और दो कटोरी दी गईं थी, जिसमें उन्हें खाना लेने को कहा गया था। खाने में दाल मोठ की दाल, चांवल और एक बैगन की सब्जी दी थी। जिसे उन्होंने नहीं खाया।

रितु मालू जेल के खाने में नमकीन मिलाकर खा रही हैं

सूत्रों के अनुसार जेल का शुरुआती खाना ऐसा नहीं था जो रितु के गले उतर जाए। इसके बाद उन्हें कैंटीन की सुविधा दी गई जिसमें कई सामग्री के साथ नमकीन के भी कई पैकेट लिए गए। अब दाल और सब्जी में नमकीन मिलकर रितु खाना खा लेती हैं। सुबह उन्हें नाश्ते में कभी उपमा तो कभी हलुआ तो कभी पोहा दिया जा रहा है जिसे वह आराम से खा लेती हैं।

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रितु परिवार से मिलकर एक ही बात पूछती हैं कि मैं बाहर कब आऊंगी

सूत्रों के अनुसार रितु मालू का परिवार और वकील जब भी उनसे मिलने जेल आता है तो उनक पहला सवाल यही रहता है कि वह जेल से बाहर कब आएंगी। उनकी जमानत पर क्या हुआ? यह अपडेट लेती हैं। हालांकि उनका पूरा परिवार और वकीलों की फौज उन्हें छुड़ाने के लिए जी-जान एक कर लगी हुई हैं।

क्या हुआ था हादसा

हादसे के समय की फाटो जब एक्सीडेंट हुआ था

24 फरवरी की रात रितु अपनी सहेली माधुरी सारडा के साथ सीपी क्लब गई थी। उन्होंने कथित तौर पर सीपी क्लब के 2 रेस्टोरेंट में शराब पी। रात 1.30 बजे वह क्लब से अपनी मर्सिडीज कार से निकली और राम झूले पर पैरापिट वॉल से वाहन टकरा गया। अनियंत्रित हुई कार से दोपहिया पर जा रहे मोहम्मद हुसैन गुलाम मुस्तफा (34) और मोहम्मद अतीफ (32) को उड़ा दिया था, जिसमें दोनों की जान चली गई थी।

रात में गिरफ्तार करने की अनुमति मांगी

27 सितंबर को सीआईडी ने प्रथम श्रेणी न्याय दंडाधिकारी ए.वी. खेड़कर-गरड से उसे रात में ही गिरफ्तार करने की अनुमति मांगी। सीआरपीसी की धारा 46 के तहत न्यायालय ने रितु को सूर्यास्त के बाद और सर्योदय के पहले गिरफ्तार करने की अनुमति दी। रात 1.30 बजे सीआईडी ने रितु को उसके घर से हिरासत में लिया और अधिकृत तौर पर 5.30 बजे गिरफ्तार किया गया।

 

कुछ ही घंटों में मिली थी जमानत 

25 फरवरी को, रितिका को दुर्घटना के कुछ घंटों बाद तहसील पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की जमानती धारा 304ए के तहत लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण मौत के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। अदालत ने उसे कुछ ही घंटों के भीतर जमानत दे दी थी। 29 फरवरी को क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (आरएफएसएल) ने रितिका के रक्त के नमूनों में अल्कोहल की पुष्टि की। निष्कर्षों ने पुलिस को गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने पर मजबूर किया। 2 मार्च को अदालत की अनुमति के बाद एफआईआर में यह धारा जोड़ी गई है।

रितु मालू की गिरफ्तारी के लिए रात में खुला था कोर्ट

नशे में तेजी से कार चलाकर रामझूले पर दो लोगों को कुचलने के आरोप में रितिका उर्फ रितु दिनेश मालू की जमानत बुधवार को सत्र न्यायालय ने रद्द की। साथ ही कोर्ट ने मामले की जांच कर रही सीआईडी को उसे गिरफ्तार करने की छूट दी थी। इसके पहले भी चूंकि रितु मालू 1 महीना लापता थी, इसलिए सीआईडी को शक था कि वह रात को ही भाग सकती है। इसलिए सीआईडी ने रितु मालू की गिरफ्तारी की विशेष अनुमति के लिए प्रथम श्रेणी न्यायदंडाधिकारी की कोर्ट में अर्जी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए रात को 10 बजे कोर्ट खुला और रितु मालू की गिरफ्तारी की अनुमति दी।

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