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हिंगणघाट-वर्धा मार्ग पर प्रहार जनशक्ति पार्टी का चक्काजाम आंदोलन

हिंगणघाट-वर्धा मार्ग पर प्रहार जनशक्ति पार्टी का चक्काजाम आंदोलन

धोत्रा में किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी की मांग को लेकर प्रदर्शन, यातायात 20 मिनट तक बाधित

 संवाददाता, हिंगणघाट (वर्धा)

हिंगणघाट-वर्धा मार्ग पर प्रहार जनशक्ति पार्टी का चक्काजाम आंदोलन

हिंगणघाट-वर्धा मार्ग पर प्रहार जनशक्ति पार्टी का चक्काजाम आंदोलन

हिंगणघाट (जिला वर्धा) —
प्रहार जनशक्ति पार्टी की ओर से बुधवार को हिंगणघाट-वर्धा मार्ग पर धोत्रा गांव के समीप किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी की मांग को लेकर चक्काजाम आंदोलन किया गया। यह आंदोलन पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष और विधायक बच्चू कडू के आदेश पर किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रहार पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।


कर्जमाफी के मुद्दे पर सड़क पर उतरे कार्यकर्ता
राज्य सरकार द्वारा किसानों की कर्जमाफी को लेकर ठोस निर्णय न लेने के विरोध में प्रहार जनशक्ति पार्टी ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसी क्रम में हिंगणघाट तहसील के धोत्रा गांव में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हिंगणघाट-वर्धा मुख्य मार्ग को 15 से 20 मिनट तक जाम कर दिया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।


हिंगणघाट-वर्धा मार्ग पर प्रहार जनशक्ति पार्टी का चक्काजाम आंदोलन
प्रशासन हरकत में आया, पुलिस ने हटाया आंदोलनकारी
चक्काजाम की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। उन्होंने आंदोलनकारियों को समझाइश दी और शांतिपूर्ण तरीके से उन्हें सड़क से हटाया। बाद में सभी आंदोलनकारियों को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया, जहां पूछताछ के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।


जिला स्तर के नेता भी आंदोलन में शामिल
इस चक्काजाम आंदोलन में प्रहार के पूर्व जिला प्रमुख जयंत तिजारे, जिला प्रमुख विकास दांडगे, प्रमोद मैस्कर, विष्णु घरत, विवेक धोगंडे, निलेश भोसले, सौरव गोडे, समीर शेख समेत लगभग 100 कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर सरकार से किसानों के संपूर्ण कर्जमाफी की मांग दोहराई।


आंदोलन का उद्देश्य
प्रहार जनशक्ति पार्टी के पदाधिकारियों का कहना था कि राज्य सरकार ने किसानों की कर्जमाफी की कई घोषणाएं की हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज भी हजारों किसान कर्ज के बोझ तले दबे हैं। आत्महत्याओं की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सरकार अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाती, तो प्रहार पार्टी और बड़े आंदोलन करेगी।


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सरकार को चेतावनी
प्रहार के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि आगामी दिनों में किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी की घोषणा नहीं की गई, तो पूरे राज्यभर में आंदोलन की श्रृंखला शुरू की जाएगी। सरकार को किसानों की पीड़ा को समझना होगा और दिखावटी नहीं, बल्कि व्यावहारिक समाधान देना होगा।

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