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नागपुर के पुलिस कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों के फर्जी FB अकाउंट बनाकर की धोखाधड़ी, 4 आरोपी गिरफ्तार

नागपुर के पुलिस कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों के फर्जी FB अकाउंट बनाकर की धोखाधड़ी, 4 आरोपी गिरफ्तार

अकाउंट बनाकर लोगों से कई तरीके अपनाकर ठगी की

आरोपियों से 4 मोबाइल फोन और अन्य वस्तुएं जब्त की

अकाउंट के जरिए कई लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गईं

पुलिस कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों के फर्जी FB अकाउंट

Fake FB accounts of 5 officers including Nagpur Police Commissioner

नागपुर: नागपुर पुलिस कमिश्नर रवींद्रकुमार सिंगल सहित आला पुलिस अधिकारियों के नाम पर फेसबुक में फर्जी अकाउंट बनाकर धोखाधड़ी की जा रही थी। ठगी करने के लिए 1658 अकाउंट बनाए गए थे। उक्त अकाउंट बनाकर लोगों से कई तरीके अपनाकर ठगी की जाती थी। इस काम के लिए आरोपियों ने आसाम और बंगाल से सिमकार्ड खरीदे थे। इन नंबरों का उपयोग कर आईडी बनाई जाती थी। पुलिस ने आरोपियों से 4 मोबाइल फोन और अन्य वस्तुएं जब्त की हैं।

इस मामले में एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया, जबकि 3 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। पकड़े गए आरोपियों में कोटा खुर्द निवासी रकमुद्दीन खान शफी खान, शाकीर खान कासम खान और इन्नस खान निजरदीन खान है।

फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर की ठगी

पुलिस ने बताया कि इसी वर्ष फरवरी में आरोपियों ने सीपी सिंगल के नाम पर एफबी पर फर्जी अकाउंट बनाया। इस अकाउंट के जरिए कई लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गईं। इसमें से एक शहर मोहम्मद यासीर बशीर भी थे। यासीर को एफबी मैसेंजर पर सीपी के नाम से मैसेज भेजे गए। बाद में बताया कि सीआईएसएफ में कार्यरत अधिकारी उनके दोस्त हैं और उनका तबादला होने वाला है। इस वजह से घर का फर्नीचर आदि सामान बेचना है।

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 4 आरोपी गिरफ्तार

फर्जी खातों से ठगी

समान बेचने के नाम पर 85 हजार लिए

सामान बेचने के नाम पर यासीर से अलग-अलग बैंक खातों में 85,000 रुपए ट्रांसफर करवाए गए लेकिन बाद में किसी प्रकार का संपर्क नहीं हो पाया। यासीर ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। साइबर पुलिस स्टेशन ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आरंभ की। पुलिस ने फर्जी आईडी की जांच शुरू की।

नागपुर पुलिस से मदद के लिए यह करें

चार आरोपी गिरफ्तार

तकनीकी जांच की मदद से राजस्थान के कोटा खुर्द का लोकेशन मिला। पुलिस लोकेशन पर पहुंची तो 17 वर्षीय नाबालिग द्वारा फर्जी आईडी बनाए जाने का पता चला। उससे पूछताछ के दौरान अन्य 3 नाम सामने आए और उन्हें गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपियों ने नाबालिग सहित कई युवाओं को इसी काम के लिए रखा था। नाबालिग को एक फर्जी आईडी बनाने के लिए 2,000 रुपए मिलते थे।

अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश

नागपुर साइबर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नागपुर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर पुलिस ने नाबालिग सहित 4 आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अधिकांश आईएएस, आईपीएस अधिकारियों के नाम के सहारे व्यापारियों, राजनेताओं को टारगेट बनाते थे। इन्होंने ठगी करने के लिए कई बड़े अधिकारियों की फर्जी आईडी बनाई थी। फर्जी आईडी के लिए असम, बंगाल राज्यों के सिम का इस्तेमाल करते थे।

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