NewsFirst24.in

खबर वही, जो छुपाई जा रही है

अनीस अहमद का खेला: नॉमिनेशन में 2 मिनट जानबूझकर लेट हुए थे!

Anees Ahmed's

By election desk , Newsfirst24.in

Published: 1 November , 2024, 09:50 PM

अनीस अहमद का खेला: नॉमिनेशन में 2 मिनट जानबूझकर लेट हुए थे!

अनीस अहमद का ड्रामा

महाराष्ट्र पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता अनीस अहमद का हाई-वोल्टेज ड्रामा किसी को भी आसानी से पच नहीं पा रहा है। अचानक कई दशकों कांग्रेस से जुड़ा साथ छोड़कर वह मुंबई में वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) में शामिल हो हुए। फिर उन्हें नागपुर सेंट्रल से टिकट मिल गया। मंगलवार को अनीस अहमद नॉमिनेशन कराने पहुंचे लेकिन 2 मिनट लेट हो गए। उनका नामांकन नहीं हो पाया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से बहस का भी जमकर ड्रामा किया। हालांकि कांग्रेस से जुड़ें लोगों का कहना है कि अनीस अहमद ने खोला कर दिया। माना जा रहा है कि कांग्रेस के पुराने नेताओं ने उन्हें मना लिया था। हालांकि किसी ने भी इसकी पुष्टी नहीं की।

वंचित बहुजन अघाड़ी ने अनीस अहमद को नागपुर सेंट्रल से टिकट दिया था

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले कलेक्ट्रेट में जोरदार ड्रामा देखने को मिला। वंचित बहुजन अघाड़ी ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनीस अहमद को नागपुर सेंट्रल सीट से विधानसभा चुनाव का टिकट दिया था, लेकिन वे अपना नामांकन दाखिल करने में कुछ मिनट से चूक गए। वह मंगलवार को रात के आठ बजे तक कलेक्ट्रेट में रुके रहें, लेकिन उनका फॉर्म स्वीकार नहीं किया गया। बता दें कि 29 अक्तूबर नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन पहुंचे थे। अनीस अहमद कांग्रेस के टिकट से तीन बार नागपुर सेंट्रल सीट से जीत हासिल कर चुके हैं।

कांग्रेस से अचानक इस्तीफा दे दिया

अनीस अहमद का खेला:

इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि एक वरिष्ठ नेता अपना नामांकन दाखिल करने में चूक कैसे हो सकती है? ऐसी अटकलें भी थी कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने उन्हें चुनाव न लड़ने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे थे। अहमद ने हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे से कांग्रेस में मुस्लिम वोटों के बंटने की आशंका को लेकर चिंता शुरू हो गई थी। कांग्रेस ने इस बार अहमद को नागपुर सेंट्रल सीट से चुनावी मैदान में नहीं उतारा था। पार्टी ने बंटी शोल्के को फिर से नामांकित किया, जिसे 2019 में भाजपा से हार का सामना करना पड़ा था।

कांग्रेस से टिकट की मांग की

हालांकि, अहमद शुरू में चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं थे, लेकिन बाद में उन्होंने कांग्रेस से टिकट की मांग की। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम नेता चाहते हैं कि वे समुदाय के प्रतिनिधित्व के लिए चुनाव लड़ें। उन्होंने सोमवार को कांग्रेस से इस्तीफा देकर प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) में शामिल हो गए। नामांकन दाखिल करने के लिए उन्हें वीबीए ने एबी फॉर्म दिया। इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने भी अहम को टिकट की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने कांग्रेस के प्रति अपनी वफादारी का दावा करते हुए इसे खारिज कर दिया।

वह कई घंटों तक धरने पर बैठे रहे

अनीस अहमद ने कलेक्ट्रेट के बाहर हुए हाई-वोल्टेज ड्रामा क्रिएट किया। वह धरने पर बैठ गए और कई घंटों तक बैठे रहे। उन्होंने सवाल खड़े कर दिए कि क्या तीन बार के विधायक की समय की पाबंदी को देखते हुए, उन्होंने जानबूझकर मैदान से हटने का फैसला किया है? अनीस अहमद ने कहा, ‘मेरा नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर ने स्वीकार नहीं किया क्योंकि मैं दोपहर 3 बजे की समय सीमा से चूक गया था।’

यह भी पढ़ें-

अरविंद सावंत ने शाइना एनसी को ‘माल’ कहा, शाइना बोलीं- महिला हूं, माल नहीं

अनीस ने कहा कि सड़क बंद थी इसलिए देर हुई

अनीस ने कहा कि सड़क बंद होने, वाहनों पर प्रतिबंध, सुरक्षा प्रोटोकॉल और अंतिम समय में दस्तावेजीकरण जैसी बाधाओं को पार करने करके वह नागपुर सेंट्रल रिटर्निंग ऑफिसर के बूथ पर पहुंचे। वह 3 बजे की समय सीमा से महज 2 मिनट लेट थे। नामांकन दाखिल करने की खिड़की सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुली थी। सार्वजनिक घोषणाओं में उम्मीदवारों से 2.30 बजे नामांकन दाखिल करने में तेजी लाने का आग्रह किया गया, तथा 2.45 बजे अंतिम अनाउंसमेंट किया गया।

अहमद रात 8 बजे तक रिटर्निंग ऑफिसर के शिविर में रहे

नामांकन के लिए दरवाजे ठीक 3 बजे बंद कर दिए गए। अहमद रात 8 बजे तक रिटर्निंग ऑफिसर के शिविर में रहे, तथा अपना नामांकन स्वीकार करने का अनुरोध किया। उन्होंने अपने घायल घुटने का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने आकाशवाणी स्क्वायर से पुराने वीसीए स्टेडियम तक सड़क मार्ग से जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। उनके घुटने में चोट है इसके बावजूद वह इतनी दूर चलकर नामांकन के लिए पहुंचे।

प्रतिबंधों के कारण मुझे घायल घुटने के साथ चलना पड़ा

अनीस अहमद ने कहा कि एनओसी, मंजूरी प्रमाण पत्र प्राप्त करने, राष्ट्रीयकृत बैंक खाते खोलने में दोपहर 2.30 बजे तक का समय लग गया। मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंचने के बावजूद, वाहनों के प्रतिबंधों के कारण मुझे घायल घुटने के साथ चलना पड़ा। अधिकारियों ने उनके समय-सीमा के बाद पहुंचने की पुष्टि की, तथा कहा कि बंद होने से कुछ मिनट पहले पहुंचने वाले उम्मीदवारों को समायोजित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *