Threatened to bomb planes to promote a book written on terrorism! Jagdish Uike was using terrorist code
आतंकवाद पर लिख अपनी किताब के प्रमोशन के जगदीश उइके ने विमानों को बंम से उड़ाने की धमकी दी। वह मेल में आतंकी कोड का इस्तेमाल कर रहा था। शुरुआत में ऐसी जानकारी सामने आई है। हालांकि पुलिस अभी इस थ्यौरी को पूरी तरह से मानने के लिए तैयार नहीं है। उसने पिछले महीने करीब 300 विमानों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। उसकी धमकियों के बाद नागपुर सहित पूरा देश अलर्ट मोड पर चला गया था।

आतंकवाद पर लिख किताब के प्रोमोशन के लिए दी विमानों में बम की धमकी
पीटीआई, नागपुर।
भारतीय विमानों और रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले 35 वर्षीय जगदीश श्रीयाम उइके ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। ज्यादातर धमकियां इंटरनेट मीडिया के जरिए दी गई थीं।
महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के अर्जुनी मोरगांव निवासी जगदीश श्रीयाम उइके को जांच के लिए उपस्थित होने का नोटिस भेजा गया था। वह फ्लाइट से नागपुर पहुंचा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पिछले महीने करीब 300 विमानों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।
उइके दिल्ली से यह धमकियां दे रहा था
22 अक्टूबर को इंडिगो और एअर इंडिया की 13-13 उड़ानों सहित लगभग 50 उड़ानों को धमकियां मिली थीं। इसके कारण काफी परेशानी हो रही थी। पुलिस अधिकारी ने कहा कि उइके दिल्ली से यह धमकियां दे रहा था।
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रेल मंत्री को भी ईमेल से धमकी दी थी
कथित तौर पर उसके द्वारा 21 अक्टूबर को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे पुलिस के अधिकारियों को भेजे एक ईमेल के बाद रेलवे स्टेशनों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। 2021 में कथित तौर पर एक फर्जी बम की धमकी देने के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था।
11वीं तक पढ़ाई की
रिहा होने के बाद वह अर्जुनी मोरगांव से बाहर चला गया। उसने करीबी दोस्तों को बताया था कि वह दिल्ली में रह रहा है। पुलिस उपायुक्त श्वेता खेडकर के नेतृत्व में जांचकर्ताओं ने विभिन्न प्रतिष्ठानों को भेजे ईमेल की जांच की। बाद में उनका ध्यान उइके पर गया। उसने ग्यारहवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। एक अधिकारी ने बताया कि उसने आतंकवाद पर एक किताब भी लिखी है।
जाने नागपुर पुलिस के बारे में
पता चलने के बाद से फरार था आरोपी
नागपुर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि धमकी भरे ईमेल का उइके से संबंध होने का पता चलने के बाद से आरोपित फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया।उन्होंने बताया कि उइके को एक मामले में 2021 में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस उपायुक्त श्वेता खेडकर के नेतृत्व में की गई जांच में उइके के ईमेल से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आई।
पीएम को भी भेजे फर्जी ई–मेल
अधिकारी ने बताया कि उइके ने प्रधानमंत्री कार्यालय, रेल मंत्री, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस, एयरलाइन कंपनियों के कार्यालयों, पुलिस महानिदेशक और रेलवे सुरक्षा बल सहित विभिन्न सरकारी संस्थाओं को धमकी भरे ईमेल भेजे।
धमकियों के कारण फडणवीस की सुरक्षा बढ़ाई
सोमवार को नागपुर पुलिस ने उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस के नागपुर स्थित आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी थी क्योंकि उइके ने एक ईमेल भेजा था जिसमें धमकी दी गई थी कि अगर उसे गुप्त आतंकी कोड के बारे में जानकारी देने का मौका नहीं दिया गया तो वह इसके विरोध में कदम उठाएगा।















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