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When a bag arrived for Maharashtra’s cabinet minister Girish Mahajan at the BJP office,
महाराष्ट्र मे विधानसभा चुनाव का माहौल चरम पर है। हर दल ने जीत के लिए जोड़-तोड़ में अपन ताकत झोंक दी है। हालांकि सभी पार्टियों के बागी अब भी दलों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। जिन्हें मनाने का सिलसिला कुछ दिनों से चल रहा है। ऐसे महौल में bjp कार्यालय में महाराष्ट्र के कैबिनेट मिनिस्टर गिरीश महाजन (Girish Mahajan ) के लिए एक कार्यकर्ता बड़ा बैग लेकर पहुंचा। उस समय कई bjp के कई पदाधिकारी और मीडियाकर्मी मौजूद थे। सबकी नजरें उस बैग पर थी। इसे देख महाजन असहज हो गए और उन्हें सबके सामने उस बैग को खोलकर दिखाना पड़ा। जब बैग खुला तब असलियत सबके सामने आ गई।
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गिरीश महाजन पार्टी के संकट मोचक माने जाते हैं
सभी पार्टियों का ध्यान मैदान मे लड़ रहे बागियो पर है। जलगाव जिले के BJP दफ्तर में देर रात तक तेज गतिविधियां देखने को मिली ।BJP की सांसद स्मिता वाघ भी ऑफिस मे नजर आईं। महाराष्ट्र के कैबिनेट मिनिस्टर गिरीश महाजन जो की पार्टी के संकट मोचक भी समझे जाते हैं बडी देर तक BJP दफ्तर मे मौजुद रहे।
महाजन ने माना कई सीटों पर भाजपा के असंतुष्ट उम्मीदवार
गिरीश महाजन ने माना के कई सीटों पर भाजपा के असंतुष्ट उम्मीदवारों ने पर्चा भरा है, लेकिन बागीयों को मनाने का काम लगातार चल रहा है। कुछ लोग नाराज हो सकते हैं । लेकिन हम उन्हे माना लेंगे। क्योंकि हम जानते हैं के हरियाणा मे किस तरह से कुछ उम्मीदवार सिर्फ 100 -200 वोटो से हार गये थे इसलिये हर एक मतदाता का एक-एक वोट भी कीमती है।
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और ऐसे खुला बैग बंम का राज
इसी दौरान एक व्यक्ती एक बडा सा बैग लेकर BJP ऑफिस मे आया। उस बैग को देखकर हर कोई चौक गया मगर जब मंत्री गिरीश महाजन ने उसे खोला तो वह खाली निकला। जिसके कारण सभी हंसने लगे। जब विस्तृत जानकारी ली गयी तब पता चला के वो व्यक्ति एक बैग निर्माता और विक्रेता हैं जो गिरीश महाजन को बता रहा था के कैसे उसने गरीबी और संघर्ष के बाद एक बैग बनाने का कारखाना डाला हैं। ये बाते सुनकर गिरीश महाजन भी प्रभावित हुए किन्तु ये भी स्पष्ट हो गया के इस बैग और चुनाव का आपस मे कोई संबंध नही है। बहरहाल, माना जा रहा हैं के सभी पार्टियां अपने-अपने बाकी उम्मीदवारों को वापस लाने के लिए साम-दाम- दंड- भेद का प्रयोग कर रही हैं।
कहां कितने बागी
शिवसेना और NCP में बगावत के चलते इस बार छह बड़े दल मैदान में हैं। इसी वजह से बागी भी ज्यादा हैं। आज नाम वापसी की आखिरी तारीख, 4 नवंबर है। इसलिए सब मनाने में जुटे हुए हैं। गोपाल शेट्टी दो बार भाजपा से सांसद रह चुके हैं।
इस बार लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला था। राजू पारवे शिंदे गुट की शिवसेना के नेता हैं। पार्टी ने रामटेक से लोकसभा चुनाव लड़ाया था, लेकिन हार गए। विधानसभा चुनाव में यह सीट भाजपा के पास चली गई।
भाजपा ने सुधीर पारवे को मैदान में उतारा है। स्वीकृति शर्मा पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा की पत्नी हैं। कुछ दिन पहले ही शिंदे गुट की शिवसेना ज्वाइन की थी। पार्टी ने इस सीट से मुरजी पटेल को उम्मीदवार बनाया तो निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं। नाना काटे अजित गुट की NCP के नेता हैं। सीट भाजपा के पाले में चली गई। भाजपा ने शंकर जगताप को उतारा है।











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