
By Ramesh Solanki, Newsfirst24.in
Published: march 05, 2025, 05:01 PM
हैदराबाद: ऑनलाइन शॉपिंग में धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, और अब साइबर अपराधियों ने इंस्टाग्राम पर फर्जी पेज बनाकर लोगों को लूटने का नया तरीका खोज लिया है। ताजा मामला हैदराबाद की एक 52 वर्षीय महिला के साथ हुआ, जो महज 1,799 रुपये की साड़ी खरीदने के चक्कर में 1.23 लाख रुपये गंवा बैठी।
कैसे हुआ फ्रॉड?
हैदराबाद की महिला इंस्टाग्राम ब्राउज़ कर रही थी, तभी उसकी नजर “Vastanzo9” नाम के एक पेज पर पड़ी, जहां आकर्षक साड़ियों की तस्वीरें और भारी डिस्काउंट का दावा किया गया था। पेज पर 1,799 रुपये की साड़ी देखकर उसने इसे खरीदने का फैसला किया और दिए गए व्हाट्सएप नंबर (+91 72759 82926) पर संपर्क किया।
विक्रेता ने महिला को बताया कि यदि वह ऑनलाइन भुगतान करती है, तो उसे शिपिंग चार्ज वापस कर दिया जाएगा। यह ऑफर आकर्षक लगा और उसने Google Pay के जरिए भुगतान कर दिया।
इसके तुरंत बाद विक्रेता ने बहाना बनाकर कहा कि कुछ अतिरिक्त शुल्क देने होंगे, और QR कोड स्कैन करके फिर से पैसे भेजने को कहा। महिला ने भरोसा करके दोबारा पैसे ट्रांसफर कर दिए।
स्क्रीन शेयरिंग के जरिए बड़ा खेल
इसके बाद विक्रेता ने उसे कॉल करके कहा कि उसकी “रिफंड प्रोसेसिंग” के लिए स्क्रीन शेयर करनी होगी। महिला को लगा कि यह बैंकिंग प्रक्रिया का हिस्सा है, और उसने स्क्रीन शेयर कर दी। इसी दौरान साइबर अपराधी ने गूगल पे के जरिए कई पेमेंट रिक्वेस्ट भेजे, जिन्हें महिला ने बिना सोचे-समझे स्वीकार कर लिया। कुछ ही मिनटों में उसके खाते से ₹1,23,796 निकल गए।
जब महिला ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो विक्रेता ने कॉल उठाना बंद कर दिया और बाद में उसका नंबर भी ब्लॉक कर दिया। तब जाकर महिला को समझ आया कि उसके साथ ठगी हो चुकी है। उसने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
कैसे चल रहा है यह ऑनलाइन फर्जीवाड़ा?
- इंस्टाग्राम पर फर्जी पेज बनाना: अपराधी ब्रांडेड कपड़ों, इलेक्ट्रॉनिक्स या अन्य उत्पादों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं और भारी डिस्काउंट का दावा करते हैं।
- व्हाट्सएप पर बातचीत: ग्राहकों को व्हाट्सएप पर जोड़कर भरोसा दिलाया जाता है।
- अतिरिक्त भुगतान का बहाना: पहले सस्ते सामान के लिए पेमेंट लिया जाता है, फिर शिपिंग चार्ज, टैक्स, या रिफंड प्रोसेसिंग जैसे बहानों से और पैसे ऐंठे जाते हैं।
- स्क्रीन शेयरिंग से धोखाधड़ी: पीड़ित से स्क्रीन शेयर करवाकर पेमेंट रिक्वेस्ट भेजी जाती है, जिसे स्वीकार करते ही अकाउंट खाली हो जाता है।
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सावधानी बरतने के जरूरी कदम
✔ फर्जी पेज की पहचान करें – खरीदारी करने से पहले पेज की समीक्षा और रेटिंग जरूर देखें।
✔ अनजान नंबरों से सावधान रहें – व्हाट्सएप पर पेमेंट मांगने वाले नंबरों की पुष्टि करें।
✔ सीधे बैंक खातों में पैसा न भेजें – हमेशा अधिकृत और सुरक्षित पेमेंट गेटवे का उपयोग करें।
✔ स्क्रीन शेयर न करें – बैंकिंग या ऑनलाइन शॉपिंग में किसी से भी अपनी स्क्रीन शेयर न करें।
✔ अतिरिक्त भुगतान के झांसे में न आएं – कोई भी भरोसेमंद विक्रेता दोबारा भुगतान की मांग नहीं करेगा।
पुलिस ने क्या कहा?
साइबर क्राइम पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अगर किसी के साथ धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करें या साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें।
यह घटना एक चेतावनी है कि ऑनलाइन खरीदारी करते समय सतर्कता बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही आपकी मेहनत की कमाई को मिनटों में उड़ा सकती है। सावधान रहें, सतर्क रहें! 🚨















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