By रवि आर्य
Published: march 06, 2025, 07:43 PM
Bribery game in Pradhan Mantri Awas Yojana: ACB caught the employment servant red handed
गोंदिया: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को घर बनाने के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। एसीबी (ACB) ने गोंदिया तहसील के झिलमिली ग्राम पंचायत के रोजगार सेवक को 1200 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।
किसान से मांगी रिश्वत
गोंदिया तहसील के सिंदीटोला निवासी 57 वर्षीय किसान को 2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर स्वीकृत हुआ था। योजना के तहत सितंबर 2024 में 15,000 रुपये और 22 फरवरी 2025 को 70,000 रुपये की दूसरी किस्त उसके पोस्ट ऑफिस खाते में जमा की गई।
जब किसान ने झिलमिली ग्राम पंचायत के रोजगार सेवक खुमेश भोजराज बघारे (27) से मकान निर्माण में लगे मजदूरों की हाजिरी (मस्टर) तैयार करने का अनुरोध किया, तो उसने इसके बदले 1600 रुपये रिश्वत की मांग की। किसान ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया और एसीबी कार्यालय, गोंदिया में इसकी शिकायत दर्ज कराई।
ACB ने जाल बिछाकर दबोचा
शिकायत के बाद एसीबी ने कार्रवाई की योजना बनाई और 1200 रुपये में सौदा तय करवा कर जाल बिछाया। जैसे ही रोजगार सेवक ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ली, ACB की टीम ने उसे उसके घर में ही रंगेहाथों पकड़ लिया।
घर की तलाशी में मिली नकदी और गहने
गिरफ्तारी के बाद जब ACB ने आरोपी के घर की तलाशी ली, तो वहाँ से—
✔ ₹32,455 नगद
✔ 6 ग्राम सोने के गहने (कीमत ₹33,205)
✔ 96.5 ग्राम चांदी के गहने (कीमत ₹6,280)
बरामद हुए। इसके अलावा, आरोपी के पास से एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन भी मिला।
आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज
ACB की टीम ने आरोपी रोजगार सेवक के खिलाफ रावणवाड़ी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया। इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक दिगंबर प्रधान, अपर पुलिस अधीक्षक सचिन कदम, संजय पुरंदरे (एसीबी नागपुर), पुलिस उप अधीक्षक विलास काडे (एसीबी गोंदिया) के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया।
इस ऑपरेशन में पुलिस निरीक्षक राजीव कमरलवार, सहायक उपनिरीक्षक चंद्रकांत करपे, पुलिस हवलदार संजय कुमार बोहरे, मंगेश काहलकर, नायक पुलिस सिपाही संतोष शेंडे, संतोष बोपचे, अशोक कापसे, प्रशांत सोनेवने, कैलास काटकर, संगीता पटले, रोहिणी डांगे, चालक पुलिस सिपाही अल्फाज शेख शामिल रहे।
बड़ा सवाल: कब खत्म होगा सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार?
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीबों को सिर पर छत मुहैया कराना है, लेकिन इस तरह की घटनाएँ दिखाती हैं कि जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार अब भी जारी है। यदि लाभार्थी ने रिश्वत देने के बजाय ACB से शिकायत न की होती, तो शायद यह मामला सामने नहीं आता।
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