By वसीम शेख अनवर, Newsfirst24.in
Published: march 13, 2025, 01:17 PM
मक्का के खेत में मिला था शावक, ट्रैप कैमरे में कैद हुई माँ-बेटे की भावनात्मक मुलाकात
Buldhana: Forest department did it! The separated tiger cub and mother were reunited
बुलढाणा। बुलढाणा जिले के जवळा बाजार क्षेत्र में मक्का के एक खेत में करीब डेढ़ महीने का बाघ शावक मिला, जिससे इलाके के किसानों में डर का माहौल बन गया। माँ से बिछड़े इस शावक को सुरक्षित उसके पास पहुँचाने के लिए वन विभाग ने विशेष योजना बनाई। अंततः आधी रात को कैमरे में कैद हुए भावुक क्षणों में माँ अपने शावक को मुँह में दबाकर जंगल की ओर ले गई।
ऐसे मिला शावक
नांदुरा तहसील के जवळा बाजार के किसान सुनील उखर्डा ढोकने 9 मार्च की सुबह करीब 10 बजे अपने खेत गए थे। वहाँ उन्होंने देखा कि मक्का की फसल के बीच बाघ शावक बैठा हुआ है। शावक की मौजूदगी से यह आशंका बनी कि उसकी माँ भी आसपास ही होगी। उन्होंने तत्काल मोताळा वन विभाग को इसकी सूचना दी।
वन विभाग के आरएफओ किशोर पडोळ के नेतृत्व में वनपाल ए.एन. सपकाळ, वनरक्षक एल.डी. राठोड़, चालक वैभव फुंड और वन मजदूरों की टीम मौके पर पहुँची। उन्होंने शावक को सुरक्षित पकड़ा और आसपास उसकी माँ की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। पशु चिकित्सकों ने जाँच के बाद शावक को स्वस्थ घोषित किया।
वन विभाग की रणनीति और सफल प्रयास
बुलढाणा डीएफओ सरोज गवस और एसीएफ अश्विनी आपेट के निर्देश पर आरएफओ किशोर पडोळ ने शावक को माँ से मिलाने की योजना बनाई। शाम होते ही शावक को सुरक्षित प्लास्टिक की कैरेट में रखकर उसी खेत में रखा गया, जहाँ वह मिला था। चारों ओर ट्रैप कैमरे लगाए गए और वन विभाग की टीम कुछ दूरी पर चली गई।
आधी रात के करीब शावक की पुकार सुनकर माँ खेत में पहुँची। कैमरे में कैद हुई भावुक तस्वीरों में वह कैरेट के पास आई, शावक को सूंघा और धीरे से मुँह में दबाकर जंगल की ओर रवाना हो गई। यह दृश्य देख वन विभाग की टीम खुश हो गई, क्योंकि उनका मिशन सफल रहा।
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वन विभाग की सतर्कता से टला खतरा
अगर माँ और शावक का पुनर्मिलन नहीं होता, तो शावक के जीवित रहने की संभावना कम हो जाती। वन विभाग की सूझबूझ और त्वरित कार्यवाही से न सिर्फ शावक अपनी माँ से मिल सका, बल्कि क्षेत्र में किसी भी अप्रिय घटना को भी टाल दिया गया।















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