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पैसों को लेकर मां का ऐतराज बना जानलेवा, कलयुगी बेटे ने जलती लकड़ी से दागा

पैसों को लेकर मां का ऐतराज बना जानलेवा, कलयुगी बेटे ने जलती लकड़ी से दागा

By रवि आर्य, Newsfirst24.in

Published: February 28, 2025, 01:01 PM

पैसों को लेकर मां का ऐतराज बना जानलेवा, कलयुगी बेटे ने जलती लकड़ी से दागागोंदिया।  महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के देवरी तहसील स्थित चिचगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चिल्हाटी में रिश्तों को तार-तार करने वाली दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पैसों को लेकर हुए विवाद में एक कलयुगी बेटे ने अपनी ही वृद्ध मां पर जुल्म की इंतहा पार कर दी।

मामला सांसद निधि से जुड़ी ठेकेदारी में पैसों के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ, जहां 41 वर्षीय आरोपी बेटे डोमनदास ने अपनी 61 वर्षीय मां ईमलाबाई से एडवांस पैसे मांगे। मां ने इस पर ऐतराज जताया, तो बेटे ने खौफनाक कदम उठा लिया।

आगबबूला बेटे ने जलती लकड़ी से मां को झुलसाया

घटना 26 फरवरी की रात 7:30 से 11:00 बजे के बीच की है। पैसे नहीं मिलने पर आरोपी डोमनदास ने अपने छोटे भाई गुपेंद्रदास से भी बहस की और फिर गुस्से में वह हाथ में डंडा लेकर लौटा, जिसके आगे कपड़ा लपेटकर पेट्रोल छिड़का था। पहले उसने घर के आंगन में खड़ी दो मोटरसाइकिलों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। फिर जलती हुई लकड़ी मकान की खुली खिड़की से अपनी मां के कमरे में फेंकी, जिससे मां झुलस गई।

मां का कसूर बस इतना कि उसने गलत मांग का विरोध किया

पीड़ित मां को गंभीर हालत में चिचगढ़ शासकीय अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उनके बयान के आधार पर आरोपी बेटे डोमनदास (निवासी चिल्हाटी, तहसील देवरी) के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 109(1), 351(3), 352, 324(4)(6), 333 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

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पैसों को लेकर मां का ऐतराज बना जानलेवा, कलयुगी बेटे ने जलती लकड़ी से दागासांसद निधि के काम में मांगी थी एडवांस रकम

पुलिस जांच में सामने आया कि डोमनदास और उसके भाई गुपेंद्रदास ने सांसद निधि से भवन निर्माण कार्य का ठेका लिया था। घटना वाली रात डोमनदास ने कहा— “बिल जब आएगा तब आएगा, लेकिन मुझे अभी पैसों की जरूरत है, तुरंत पैसे दो।” इस पर मां और भाई ने मना कर दिया, जिससे आरोपी भड़क गया और हिंसक रूप ले लिया।

सबक— सही शिक्षा से बच सकते हैं ऐसे हादसे

यह घटना न केवल पारिवारिक मूल्यों के पतन को दिखाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि अगर बच्चों को बचपन से ही पैसे की अहमियत और ईमानदारी की सीख दी जाए, तो वे लालच के अंधे कुएं में गिरने से बच सकते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है, ताकि आरोपी को उसके गुनाह की सजा मिल सके।

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