By DELHI BUREAU, Newsfirst24.in
Published: February 08, 2025, 09:16 PM
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में आम आदमी पार्टी (AAP) को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस हार पर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे भावुक हो गए और उन्होंने अरविंद केजरीवाल को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्होंने केजरीवाल को बहुत समझाया था, लेकिन वह राजनीति में चले गए और समाज सेवा का रास्ता छोड़ दिया।
‘बहुत प्यार दिया था, लेकिन उसने रास्ता बदल लिया’
चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए अन्ना हजारे ने कहा,
“मुझे अरविंद केजरीवाल से बहुत उम्मीद थी। मैंने उसे बहुत प्यार दिया था, लेकिन उसने समाज सेवा का रास्ता छोड़कर राजनीति में जाने का फैसला किया। मैंने उसे समझाया था कि राजनीति में मत जाओ, लेकिन उसने मेरी बात नहीं मानी।”
AAP की हार का कारण शराब नीति?

अन्ना हजारे ने दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी की हार पर कहा कि,
“चुनाव लड़ते समय उम्मीदवार का आचार-विचार और चरित्र शुद्ध होना चाहिए। लेकिन AAP की सरकार शराब में लिप्त रही और इनकी छवि लगातार खराब होती गई। यही वजह है कि जनता ने इन्हें कम वोट दिए हैं। अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ने शराब नीति और पैसे पर अधिक ध्यान दिया, जिससे उन्हें हार का सामना करना पड़ा।”
‘नेता का चरित्र साफ होना चाहिए’
हजारे ने कहा कि एक नेता को त्याग और सेवा के गुणों से भरपूर होना चाहिए।
“अरविंद केजरीवाल लोगों की निस्वार्थ सेवा करने के अपने कर्तव्य को समझने में असफल रहे। जब किसी नेता का चरित्र साफ होता है, तभी जनता का विश्वास जीतता है और उसे अपना प्रतिनिधि चुनती है।”
केजरीवाल और सिसोदिया दोनों हारे
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है।
- AAP के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जंगपुरा सीट से हार गए।
- अरविंद केजरीवाल को नई दिल्ली विधानसभा सीट से हार का सामना करना पड़ा।
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अन्ना हजारे और केजरीवाल के अलग रास्ते
केजरीवाल के नेतृत्व में 2012 में आम आदमी पार्टी (AAP) की स्थापना भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद हुई थी। इस आंदोलन में अन्ना हजारे की बड़ी भूमिका थी और उस समय केजरीवाल उनके प्रमुख समर्थकों में से एक थे। लेकिन AAP के गठन के बाद दोनों के विचार अलग हो गए और उनके रास्ते हमेशा के लिए अलग हो गए।
अब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की इस हार के बाद केजरीवाल के भविष्य और पार्टी की अगली रणनीति पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।















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