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देवेन्द्र फडणवीस ने गढ़चिरौली को राज्य का “पहला जिला” बताते हुए खोले निवेश के रास्ते

देवेन्द्र फडणवीस ने गढ़चिरौली को राज्य का "पहला जिला" बताते हुए खोले निवेश के रास्ते

गढ़चिरौली को विकास की नई राह: दावोस में ऐतिहासिक समझौते से महाराष्ट्र को नई ऊर्जा

By Naresh Sahare, Newsfirst24.in

Published: December 22, 2025, 02:09 PM

देवेन्द्र फडणवीस ने गढ़चिरौली को राज्य का "पहला जिला" बताते हुए खोले निवेश के रास्ते

गढ़चिरौली। दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच के उद्घाटन सत्र के पहले ही दिन महाराष्ट्र ने निवेश के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य ने 6.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए। यह राज्य के विकास और रोजगार सृजन की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

गढ़चिरौली के लिए पहला निवेश समझौता

मुख्यमंत्री और गढ़चिरौली जिले के पालकमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में गढ़चिरौली के लिए महाराष्ट्र के इतिहास का पहला निवेश समझौता किया गया। इस समझौते से यह क्षेत्र विकास की मुख्यधारा में शामिल होगा।

  • कल्याणी समूह:
    • क्षेत्र: रक्षा, इस्पात और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी)।
    • निवेश: 5200 करोड़ रुपये।
    • रोजगार: 4000 नई नौकरियां।
  • जेएसडब्ल्यू कंपनी:
    • क्षेत्र: स्टील, अक्षय ऊर्जा, लिथियम आयरन बैटरी, सोलर वेफर्स और सेल मॉड्यूल।
    • निवेश: 3 लाख करोड़ रुपये।
    • रोजगार: 10,000 नौकरियां।

पहले दिन के ऐतिहासिक सौदे

दावोस में पहले दिन महाराष्ट्र के लिए 6,25,457 करोड़ रुपये के निवेश सौदों पर हस्ताक्षर हुए। यह एक रिकॉर्ड उपलब्धि है और देशभर में महाराष्ट्र को निवेश के लिए प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करता है।

  • निवेश क्षेत्र:
    • स्टील, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, हरित ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन।
    • मनोरंजन, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटोमोबाइल।
  • प्रमुख कंपनियां:
    • रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, बालासोर एलॉय, एबी इनबेव, ब्लैकस्टोन, बिसलेरी इंटरनेशनल, वेलस्पन, और अन्य।
  • प्रमुख निवेश प्रोजेक्ट्स:
    • अक्षय ऊर्जा और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी।
    • इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण और हरित हाइड्रोजन ऊर्जा समाधान।

गढ़चिरौली: अंतिम नहीं, पहला जिला

देवेन्द्र फडणवीस ने गढ़चिरौली को राज्य का "पहला जिला" बताते हुए खोले निवेश के रास्ते

मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने गढ़चिरौली को राज्य का “पहला जिला” बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र अब विकास की मुख्यधारा में होगा। इन निवेश समझौतों से न केवल गढ़चिरौली बल्कि राज्य के अन्य पिछड़े इलाकों को भी नई ऊर्जा और अवसर मिलेंगे।

क्या बदलेगा गढ़चिरौली में?

  • इंफ्रास्ट्रक्चर विकास:
    • नए उद्योगों और कारखानों की स्थापना।
    • परिवहन और लॉजिस्टिक्स में सुधार।
  • रोजगार सृजन:
    • हजारों लोगों को स्थानीय स्तर पर नौकरी के अवसर।
    • अप्रत्यक्ष रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि।
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती:
    • स्थानीय व्यापार और सेवाओं में तेजी।
    • युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और अवसर।

मुख्यमंत्री की दृष्टि

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, “यह निवेश महाराष्ट्र को एक नई दिशा देगा। गढ़चिरौली जैसे पिछड़े इलाकों में उद्योगों का विकास राज्य की आर्थिक वृद्धि को तेज करेगा। यह केवल एक शुरुआत है। आने वाले दिनों में और भी बड़े निवेश सौदों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।”

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आगे की योजना

  • दावोस में दूसरे दिन और बड़ी कंपनियों के साथ समझौते।
  • महाराष्ट्र को देश में “नंबर वन निवेश गंतव्य” के रूप में स्थापित करना।
  • हरित ऊर्जा और तकनीकी नवाचार के माध्यम से सतत विकास।

गढ़चिरौली जैसे पिछड़े जिलों में विकास की रोशनी

दावोस में हुए इस ऐतिहासिक निवेश से महाराष्ट्र न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होगा, बल्कि गढ़चिरौली जैसे पिछड़े जिलों में विकास की रोशनी पहुंचेगी। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की नेतृत्व क्षमता और विजन के चलते राज्य ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल किया है। यह महाराष्ट्र के लिए एक सुनहरे भविष्य का संकेत है।

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