By Kunwarchand Mandale , Newsfirst24.in
Published: November 13 , 2024, 07:47 PM
अनिल देशमुख चांदीवाल रिपोर्ट में खुद को क्लीन चिट होने का दावा करते आए हैं
Devendra Fadnavis said- Chandiwal Commission did not give clean chit to former Home Minister Anil Deshmukh
नांदेड़। मुखेड़ विधानसभा क्षेत्र से प्रचार के लिए बुधवार को पहुंचे उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने चांदीवाल आयोग की रिपोर्ट के बारे में बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि चांदीवाल ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को क्लीन चिट नहीं दी। चांदीवाल साहब ने जो खुलासा किया है वह बहुत चौंकाने वाला है। उल्लेखनीय हैं कि अनिल देशमुख चांदीवाल रिपोर्ट में खुद को क्लीन चिट होने का दावा करते आए हैं। देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में एक फ्रेस सीबीआई जांच की मांग की है। ताकि इसमें बड़े खुलासे हो सकें।
उद्धव सरकार ने रिपोर्ट को हाथ भी नहीं लगाया

बीजेपी उम्मीदवार तुषार राठौड़ की प्रचार सभा में मुखेड़ विधानसभा पहुंचे डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस से पत्रकारों ने चांदीवाल आयोग की रिपोर्ट के बारे में पूछा तो उन्होंने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होने स्पष्ट कहा है कि अनिल देशमुख को क्लीन चिट नहीं मिली। चांदीवाल आयोग रिपोर्ट उद्धव ठाकरे की सरकार में आई थी। लेकिन उन्होंने इस रिपोर्ट को देखा तक नहीं है। दूसरी बात जो चांदीवालजी ने बोला है कि आरोपी और साक्षीदार की मुलाकात DCP की ओर से होती थी।
गवाहों पर दबाव डाला जा रहा था
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि चांदीवाल जी ने खुलासा किया है कि गवाहों पर लगातार दबाव डाला जा रहा था। दबाव ऐसा था कि उसे रिकॉर्ड पर लेना संभव नहीं था।
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महाविकास अखाड़ी में बड़े घोटाले हैं
महाविकास आघाड़ी के कार्यकाल में ये जो भ्रष्टाचार हुआ है। ट्रांसफर हो या अपॉइंटमेंट सभी में बड़ी धांधली हुई हैं। कायदे से संबंधित कार्यकाल की जांच होनी चाहिए। सचिन दवे के
एक इंटरव्यू में चांदीवाल ने किया है खुलासा
सचिन वाजे ने आरोप लगाया कि 100 करोड़ रुपये के कथित रंगदारी घोटाले में पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने एक बार और होटल मालिक से रंगदारी वसूली थी। इसके बाद इस घोटाले की जांच शुरू हुई थी। तत्कालीन सरकार ने मामले की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश चांदीवाल के नेतृत्व में एक आयोग की स्थापना की।
पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बार-बार दावा किया कि इस आयोग ने उन्हें क्लीन चिट दे दी है। इस मामले में एक चैनल को दिए गए इंटरव्यू में जस्टिस चांदीवाल ने कहा कि हमने अपनी रिपोर्ट में किसी को क्लीन चिट नहीं दी है। इसके विपरीत, सचिन वाज़े के पास बहुत सारी सामग्री थी, लेकिन उन्होंने इसे जमा नहीं किया है। जस्टिस चांदीवाल ने बताया कि सचिन वाज़े ने अनिल देशमुख के बेटे द्वारा 40 लाख रुपये के संबंध में भेजा गया मैसेज भी दिखाया था। लेकिन उन्होंने इसे रिकॉर्ड पर नहीं लिया।
देवेंद्र फडणवीस को फंसाने की कोशिश
जस्टिस चांदीवाल ने सनसनीखेज खुलासा किया कि अनिल देशमुख और सचिन वाजे ने देवेंद्र फड़णवीस को फंसाने की कोशिश की थी। चूँकि ये नाम संबंधित नहीं हैं इसलिए हमने इन्हें रिकॉर्ड पर नहीं लिया है। सचिन वाजे और पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने हलफनामा तो पेश किया, लेकिन सबूत नहीं पेश किए। उन्होंने कहा कि साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किये जाने के कारण इस मामले में कुछ नहीं हुआ।











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