गोंदिया के डॉक्टर विकास जैन ने किया दुर्लभ सर्जरी का सफल ऑपरेशन
By रवि आर्य, Newsfirst24.in
Published: December 30, 2025, 03:24 PM

गोंदिया | एक महिला के मूत्राशय से निकला 1.67 किलो का विशाल पत्थर, जिसको देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए। कहते हैं कि डॉक्टर धरती पर भगवान का रूप होते हैं, जो अपनी चिकित्सा से मरीजों को नया जीवन देते हैं। महाराष्ट्र के गोंदिया में एक ऐसी ही दुर्लभ सर्जरी को अंजाम दिया गया, जिसने सभी को चौंका दिया। बी.जे. हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट प्राइवेट लिमिटेड, गोंदिया के प्रसिद्ध लैप्रोस्कोपिक और यूरो सर्जन डॉ. विकास जैन ने एक महिला मरीज के मूत्राशय से 1.67 किलोग्राम का विशालकाय पत्थर निकालकर उसे असहनीय दर्द से मुक्ति दिलाई। यह ऑपरेशन मेडिकल साइंस के लिहाज से दुर्लभ माना जा रहा है।
छह साल से झेल रही थी असहनीय पीड़ा

मूल रूप से मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के वारासिवनी कस्बे की 52 वर्षीय कृष्णा राजेंद्र सहारे पिछले छह सालों से असहनीय दर्द झेल रही थीं। उनके पति दिहाड़ी मजदूर हैं और आर्थिक तंगी के चलते वे बड़े शहरों में इलाज नहीं करा सके। स्थानीय डॉक्टरों ने उन्हें केवल दर्द निवारक दवाइयां दीं, लेकिन किसी ने यह अंदाजा नहीं लगाया कि उनकी पथरी इतने विशाल आकार की हो सकती है।
जब हाल ही में दर्द असहनीय हो गया, तो उनकी बड़ी बेटी (जो गोंदिया में विवाहित है) उन्हें लेकर डॉ. विकास जैन के पास पहुंची। 27 जनवरी को कराए गए एक्स-रे में खुलासा हुआ कि महिला के मूत्राशय में असामान्य रूप से भारी पथरी है, जिसके लिए तत्काल ऑपरेशन जरूरी था।
ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर भी रह गए हैरान
महिला की गंभीर स्थिति और ऑपरेशन की जटिलता को देखते हुए, डॉ. विकास जैन ने 29 जनवरी को अपनी टीम के साथ मिलकर दो घंटे लंबी सर्जरी की। जब उन्होंने मूत्राशय से पत्थर निकालना शुरू किया, तो उसका आकार और वजन देखकर सभी हैरान रह गए। 1.67 किलोग्राम वजनी यह पत्थर अब तक की दुर्लभतम सर्जरी में से एक है।
पहले भी बना चुके हैं रिकॉर्ड
डॉ. विकास जैन इससे पहले भी 2014 में एक मरीज के पेट से विशाल पथरी निकालकर ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड’ और ‘एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। इस बार निकाला गया पत्थर पहले की तुलना में और भी बड़ा और भारी था।
अब स्वस्थ हैं महिला, जल्द मिलेगी अस्पताल से छुट्टी
डॉक्टरों के अनुसार, अगर यह पत्थर समय रहते नहीं निकाला जाता, तो महिला की स्थिति और गंभीर हो सकती थी। लेकिन ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और अब मरीज स्वस्थ है। उम्मीद है कि अगले दो-तीन दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी।
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डॉक्टर बोले – मरीज के धैर्य और सहयोग से ही संभव हुआ ऑपरेशन
डॉ. विकास जैन ने कहा, “यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मरीज ने पूरा सहयोग किया, जिससे सर्जरी सफल रही। इतने बड़े और भारी पत्थर को निकालना आसान नहीं था, लेकिन हमने इसे सावधानीपूर्वक अंजाम दिया। मरीज अब खतरे से बाहर है और स्वस्थ महसूस कर रही है।”
सबसे बड़ी मूत्राशय पथरी के कुछ रिकॉर्ड
- 2014: डॉ. विकास जैन ने निकाली थी रिकॉर्ड तोड़ पथरी
- अब तक की सबसे बड़ी मूत्राशय पथरी: गिनीज रिकॉर्ड के अनुसार 1.9 किग्रा
- गोंदिया में पहली बार: इतनी बड़ी पथरी सफलतापूर्वक निकाली गई
चिकित्सा जगत में मील का पत्थर साबित हो सकती है यह सर्जरी
यह दुर्लभ सर्जरी न केवल मेडिकल साइंस की सफलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सही समय पर सही डॉक्टर के पास जाने से मरीज को नया जीवन मिल सकता है। डॉ. विकास जैन और उनकी टीम की यह उपलब्धि चिकित्सा जगत में मील का पत्थर साबित हो सकती है।











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