By Arvind Jadhav, Newsfirst24.in
Published: December29 , 2025, 04:08 PM
सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट धार्मिक पवित्रता रखना है उद्देश्य

Mumbai: Dress code mandatory for entry into Siddhivinayak temple
मुंबई : सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट ने कल श्रद्धालुओं की पोशाक के संबंध में नियम बनाए और अब श्रद्धालुओं को उनका पालन करने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। 1 फरवरी से गणेश जयंती शुरू हो रही है और सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट द्वारा इस जयंती को बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। 4 फरवरी को हवन भी होगा, जिसमें हजारों भक्तों के जुटने की उम्मीद है। चार दिवसीय गणेश जयंती उत्सव एवं धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से इसे लागू करने की योजना बनाई गई है।
भक्तों ने खुले, फटे और शर्मनाक कपड़ों पर आपत्ति जताई थी।
सिद्धिविनायक मंदिर एक प्रसिद्ध पूजा स्थल के रूप में जाना जाता है, जहां न केवल महाराष्ट्र से बल्कि पूरे देश से हर दिन हजारों भक्त दर्शन करने आते हैं। ट्रस्ट के अनुसार, कुछ श्रद्धालु शर्मनाक और फटे कपड़े पहनते हैं, जिससे पूजा करते समय अन्य श्रद्धालुओं को असुविधा होती है इस पर कई श्रद्धालुओं ने आपत्ति जताई थी। देशभर से आए श्रद्धालु से उठ रही मांग को लेकर माना जा रहा है कि ट्रस्ट पहले भी यह फैसला लेने के पक्ष में था, आखिर कल उसने इसकी घोषणा कर दी। इस संबंध में भक्तों के लिए ड्रेस कोड लागू किया गया है। देश के कई मंदिरों में, विशेषकर दक्षिण भारत में, श्रद्धालु के लिए ड्रेस कोड के संबंध में लंबे समय से नियम बने हुए हैं।
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नए ड्रेस कोड के साथ-साथ प्रसाद भी प्लास्टिक मुक्त होगा।
सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई का सबसे पुराना मंदिर है और इसका निर्माण 1801 में हुआ था। अब चूंकि ये नियम सिद्धिविनायक मंदिर में लागू कर दिए गए हैं, तो चर्चा है कि महाराष्ट्र के अन्य मंदिरों में भी इस पर व्यापक रूप से विचार किया जा सकता है। सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट हमेशा सुधार को प्राथमिकता देता है, इसलिए प्रसाद घर में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। अब भक्तों को दिया जाने वाला नैवेद्य भी प्लास्टिक मुक्त होगा और इसके लिए कागज़ का विकल्प इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रस्ट के इस फैसले को भक्त और धार्मिक क्षेत्र का समर्थन मिल रहा है। इसलिए अब उम्मीद है कि इन नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
ये हैं नए ड्रेस कोड के नियम
ट्रस्ट द्वारा घोषित नियमों के अनुसार, भक्तों को उचित वस्त्र पहनकर ही मंदिर में दर्शन के लिए प्रवेश करना चाहिए। भक्तों की पोशाक मंदिर के पवित्र और धार्मिक माहौल के अनुरूप होनी चाहिए। ट्रस्ट ने सख्त घोषणा की है कि मंदिर में आने वाले लोगों को भारतीय संस्कृति के अनुरूप उचित और सुंदर कपड़े पहनकर आना चाहिए, अन्यथा उन्हें प्रवेश या दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। सिद्धिविनायक मंदिर
में प्रतिदिन देश भर से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, इसलिए कहा जाता है कि मंदिर की पवित्रता और धार्मिक वातावरण को संतुलित तरीके से बनाए रखना एक पवित्र कर्तव्य है।











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