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गढ़चिरौली: विजय वडेट्टीवार ने कहा तीन पालकमंत्री होना चाहिए, तीनों अलग-अलग झंडा फहराएंगे

गढ़चिरौली: विजय वडेट्टीवार ने कहा तीन पालकमंत्री होना चाहिए, तीनों अलग-अलग झंडा फहराएंगे

गढ़चिरौली: पालकमंत्री पद को लेकर विजय वडेट्टीवार की तीखी आलोचना

By नरेश सहारे, Newsfirst24.in

Published: December 20, 2025, 09:11 PM

गढचिरौली। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पालकमंत्री पद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के विधायक विजय वडेट्टीवार ने गढ़चिरौली के पालकमंत्री पद पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की नियुक्ति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि गढ़चिरौली को एक नहीं, बल्कि तीन पालकमंत्री दिए जाने चाहिए। तीनों अलग-अलग मौके पर झंड़ा फहराएंगे।

विजय वडेट्टीवार का तर्क

विजय वडेट्टीवार ने कहा कि अगर गढ़चिरौली जिले को तीन पालकमंत्री मिलें, तो:

  • तीन प्रमुख अवसरों पर ध्वजारोहण: 26 जनवरी, 15 अगस्त और 1 मई (महाराष्ट्र दिवस) पर तीन अलग-अलग पालकमंत्री ध्वजारोहण कर सकते हैं।
  • जिले का समग्र विकास: तीन पालकमंत्री जिले के विभिन्न हिस्सों की अलग-अलग जिम्मेदारियां ले सकते हैं।
  • आपसी निगरानी: तीनों मंत्री एक-दूसरे की कार्यशैली पर नजर रख सकते हैं, जिससे जिले के विकास में पारदर्शिता बनी रहेगी।

नक्सल प्रभावित से स्टील सिटी बनने की ओर

विजय वडेट्टीवार ने यह भी कहा कि गढ़चिरौली, जो कभी नक्सल प्रभावित जिला था, अब सुरजागढ़ और कोनसरी जैसी औद्योगिक परियोजनाओं के कारण स्टील सिटी बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब गढ़चिरौली नक्सल प्रभावित था, तब कोई भी नेता पालकमंत्री बनने से कतराता था। लेकिन अब, जिले में विकास की संभावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने पालकमंत्री पद अपने पास रखा है।

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सीएम निजी फायदे के लिए पालकमंत्री बने

वडेट्टीवार ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यह निर्णय विकास से ज्यादा राजनीति से प्रेरित है। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री फडणवीस गढ़चिरौली जिले की आर्थिक संभावनाओं का व्यक्तिगत लाभ उठाने के उद्देश्य से पालकमंत्री पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

आलोचना ने गढ़चिरौली जिले में राजनीतिक हलचल तेज कर दी

वडेट्टीवार की मांग और आलोचना ने गढ़चिरौली जिले में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या वाकई जिले को तीन पालकमंत्री दिए जाने की मांग को लेकर कोई कदम उठाया जाता है।

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