ठेकेदार और कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की उठी मांग
By रवि आर्य, Newsfirst24.in
Published: February, 2025, 04:47 PM
गोंदिया | गोंदिया-आमगांव-देवरी राज्य महामार्ग क्रमांक 543 पर स्थित किड़गीपार नाले का पुल पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, लेकिन बीते 7 वर्षों से निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है। संबंधित कंपनी और ठेकेदार की लापरवाही के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस मुद्दे को लेकर भारतीय जन कल्याण फाउंडेशन तथा सर्वदलीय एवं सामाजिक संगठनों की पहल पर ‘हल्ला बोल’ आंदोलन किया गया, जिसमें जमकर नारेबाजी हुई और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग उठी।
लोगों की जान खतरे में, फिर भी प्रशासन बेखबर
यह पुल गोंदिया, आमगांव और देवरी तहसील को जोड़ने वाला अहम रास्ता है, जिससे हजारों यात्री, छात्र-छात्राएं, स्कूल बसें और मालवाहक वाहन रोजाना गुजरते हैं। पुल पर जगह-जगह गड्ढे बन चुके हैं, रेलिंग टूटी हुई है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। लोगों का कहना है कि प्रशासन और ठेकेदार सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन 7 वर्षों से वैकल्पिक रास्ता तक नहीं बनाया गया।
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जांच रिपोर्ट के बाद भी निर्माण अधर में
प्रशासन ने पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए जांच रिपोर्ट तैयार कर नया पुल बनाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हुआ। आंदोलनकारियों ने मांग की कि ठेकेदार कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर उस पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने सौंपा ज्ञापन, दी चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार के माध्यम से जिला कलेक्टर, अधीक्षक अभियंता राष्ट्रीय महामार्ग और राष्ट्रीय राज्य मार्ग विभाग को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
प्रमुख प्रदर्शनकारी और प्रतिनिधि मंडल
इस प्रदर्शन में यशवंत मानकर, सुभाष आकरे, रितेश अग्रवाल, नरेंद्र वाजपेयी, संतोष श्रीखंडे, राजीव फुंडे, राम चक्रवर्ती, प्रमोद बोहरे, जिला परिषद सदस्य छायाताई नागपुरे, विमल ताई कटरे, जगदीश वर्मा, किशोर भाऊ कावले, तीर्थ येटरे, रवि क्षीरसागर, विजय मेश्राम, राहुल चुटे, जगदीश चुटे, भूमेश वेंडे, मुनेश पंचेश्वर, कागेश राव, अभय साहू और योगेश कावले सहित कई नागरिक मौजूद रहे।
अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।











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