By Ramesh Solanki, Newsfirst24.in
Published: February 26, 2025, 04:44 PM
तेलंगाना | निर्मल जिला न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कलेक्टर और आरडीओ (राजस्व मंडल अधिकारी) कार्यालय को जब्त करने के आदेश जारी किए हैं। वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश श्रीनिवास द्वारा मंगलवार (25 फरवरी) को सुनाए गए इस फैसले से प्रशासन में हड़कंप मच गया, जबकि प्रभावित नागरिकों में न्याय की उम्मीद जगी।
मुआवजा न देने पर कोर्ट की कड़ी कार्रवाई
निर्मल जिला न्यायालय ने यह सख्त फैसला गड्डेन्ना और श्रीरामसागर जलाशयों के निर्माण के दौरान अपनी जमीन गंवाने वाले भूमिहीन निवासियों को न्याय दिलाने के लिए लिया है।
- सरकार ने 1999 में इन प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने का वादा किया था, लेकिन 25 वर्षों बाद भी उन्हें उनका हक नहीं मिला।
- प्रशासनिक लापरवाही के कारण 6.79 करोड़ रुपये (कलेक्टर कार्यालय से) और 1.45 करोड़ रुपये (आरडीओ कार्यालय से) के भुगतान में देरी की गई।
- न्यायालय ने कई बार आदेश दिए, लेकिन अधिकारी टालमटोल करते रहे, जिससे पीड़ितों को दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
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कोर्ट का सख्त रुख: सरकारी दफ्तर जब्त करने के आदेश
अदालत ने प्रशासन की मनमानी और अदालती आदेशों की अवहेलना पर नाराजगी जाहिर करते हुए निर्मल जिला कलेक्ट्रेट और आरडीओ कार्यालय जब्त करने के आदेश दिए।
- कोर्ट के आदेश के बाद न्यायालय कर्मचारियों ने कलेक्टरेट और आरडीओ कार्यालयों में जब्ती के नोटिस चिपका दिए।
- इस फैसले से क्षेत्र में हड़कंप मच गया, जबकि पीड़ितों में खुशी की लहर दौड़ गई।
- स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया और इसे न्यायपालिका की ऐतिहासिक जीत करार दिया।
क्या होगा आगे?
इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन अदालत के आदेशों का पालन करेगा, या फिर कोई नई कानूनी लड़ाई शुरू होगी?
सरकारी कार्यालयों की जब्ती के आदेश ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है, और अब सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।











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