दिल्ली में बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक: मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात की तर्ज पर रणनीति बनाई
By Arvind Jadhav,
Published: February 20, 2025, 08:23AM
Inside story Delhi CM: Why was Rekha Gupta chosen as CM, this is how the strategy was made

Rekha Gupta Delhi CM
दिल्ली। दिल्ली की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो गया है। मुख्यमंत्री पद के लिए कई नाम चर्चा में थे, लेकिन आखिरकार बीजेपी ने रेखा गुप्ता के नाम पर मुहर लगा दी। दिलचस्प बात यह है कि बड़े दावेदारों में से ही उनके नाम का प्रस्ताव रखवाया गया, जिससे सत्ता हस्तांतरण पूरी तरह से सुचारू रूप से संपन्न हो गया।
यह वही रणनीति है, जो बीजेपी पहले गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में अपना चुकी है और इस बार भी इसे दिल्ली में आजमाया गया। इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह की राय को फाइनल किया गया। इसके लिए बकायदा एक रणनीति बनाई गई। और फैसले से सभी को चौंका दिया गया
कैसे हुआ सियासी खेल?
दिल्ली में मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए प्रवेश वर्मा सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे थे। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को हराया था और पार्टी के अंदर उनका कद भी सबसे बड़ा था। अजय महावर और मनजिंदर सिंह सिरसा जैसे नाम भी रेस में थे, लेकिन जब बीजेपी के विधायक दल की बैठक हुई, तो सबको चौंकाते हुए प्रवेश वर्मा ने ही रेखा गुप्ता के नाम का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही सीएम पद की रेस खत्म हो गई और रेखा गुप्ता का नाम तय हो गया।
बीजेपी ने दिल्ली में वही दांव चला, जो उसने पहले कई राज्यों में आजमाया था। पार्टी की रणनीति रही है कि संभावित विरोध को खत्म करने के लिए सबसे बड़े दावेदार से ही नए मुख्यमंत्री के नाम का प्रस्ताव रखवाया जाए, जिससे असंतोष की गुंजाइश न रहे। यही रणनीति इस बार भी पूरी तरह सफल रही।
बीजेपी की आजमाई हुई रणनीति फिर साबित हुई सफल
दिल्ली में जो हुआ, वह बीजेपी की एक पुरानी रणनीति का हिस्सा है, जिसे पहले कई राज्यों में आजमाया जा चुका है:
- राजस्थान: जब मुख्यमंत्री पद के लिए वसुंधरा राजे सबसे मजबूत दावेदार थीं, तो पार्टी नेतृत्व ने भजनलाल शर्मा के नाम पर सहमति बनाई और खुद वसुंधरा राजे से ही उनका नाम प्रस्तावित करवा दिया।
- मध्य प्रदेश: शिवराज सिंह चौहान का नाम सबसे आगे था, लेकिन उन्होंने खुद डॉ. मोहन यादव के नाम की सिफारिश कर दी।
- गुजरात: विजय रूपाणी को हटाकर जब भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री बनाया गया, तो उनके नाम का प्रस्ताव भी पुराने दिग्गज नेताओं से ही दिलवाया गया।
दिल्ली में भी वही हुआ। प्रवेश वर्मा जैसे बड़े नेता को मना लिया गया और उन्होंने खुद रेखा गुप्ता के नाम की सिफारिश कर दी, जिससे पार्टी के अंदर किसी भी तरह के असंतोष को खत्म कर दिया गया।
रेखा गुप्ता को ही क्यों चुना गया?
अब सवाल उठता है कि आखिर इतने बड़े नामों को छोड़कर बीजेपी ने रेखा गुप्ता को ही मुख्यमंत्री क्यों बनाया? इसके पीछे तीन प्रमुख कारण रहे:
1. महिला फैक्टर और पीएम मोदी की रणनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार महिलाओं को नेतृत्व में आगे लाने की बात कर रहे हैं। 27 साल पहले दिल्ली में बीजेपी की सरकार की कमान सुषमा स्वराज के हाथों में थी, और अब फिर से एक महिला मुख्यमंत्री बनाकर बीजेपी ने अपनी ‘महिला सशक्तिकरण’ की छवि को और मजबूत किया है। इससे पार्टी को महिला वोटर्स के बीच एक मजबूत संदेश देने का भी अवसर मिला।
2. RSS और ABVP का समर्थन
रेखा गुप्ता की राजनीति की जड़ें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ी हैं। आरएसएस के कई बड़े नेताओं ने उनके नाम का समर्थन किया। दिल्ली में संघ के बड़े नेता बजरंग लाल ने पार्टी नेतृत्व से कहा कि अगर महिला को मौका देना है, तो रेखा गुप्ता सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हैं। साथ ही, बीजेपी के संगठन महामंत्री सुनील बंसल और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भी समर्थन उन्हें मिला।
3. संगठन पर मजबूत पकड़ और प्रशासनिक अनुभव
रेखा गुप्ता सिर्फ एक राजनीतिक नेता नहीं हैं, बल्कि उनका संगठन और प्रशासनिक अनुभव भी मजबूत है। वह लंबे समय तक दिल्ली नगर निगम (MCD) में पार्षद रही हैं और कई महत्वपूर्ण कमेटियों की चेयरमैन भी रह चुकी हैं। साथ ही, दिल्ली बीजेपी की महामंत्री रहते हुए उन्होंने पार्टी के कई बड़े आयोजनों को सफलतापूर्वक संभाला है। इन सब कारणों से पार्टी को भरोसा हो गया कि वे दिल्ली सरकार को अच्छे से चला सकती हैं।
बीजेपी की रणनीति: दिल्ली में सफल होगी या चुनौती बनेगी?
बीजेपी की यह रणनीति अब तक सफल रही है, लेकिन दिल्ली में इसे असली परीक्षा का सामना करना पड़ेगा। रेखा गुप्ता के सामने कई चुनौतियां हैं:
- MCD और दिल्ली सरकार का तालमेल: दिल्ली में बीजेपी को MCD पर कब्जा तो मिल चुका है, लेकिन अब इसे राज्य सरकार के साथ सामंजस्य बिठाना होगा।
- विपक्ष का प्रहार: अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी इसे बीजेपी की अंदरूनी राजनीति के रूप में दिखाकर हमला कर सकते हैं।
- पार्टी की स्थिति मजबूत करना: दिल्ली में बीजेपी को मजबूती देने के लिए उन्हें संगठन के साथ मिलकर काम करना होगा।
अगले कदम क्या होंगे?
अब दिल्ली को गुरुवार दोपहर 12 बजे रामलीला मैदान में नई मुख्यमंत्री मिलेगी। रेखा गुप्ता शालीमार बाग सीट से विधायक बनी हैं और अब पूरी दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी। उनकी पहली प्राथमिकता दिल्ली में बीजेपी के संगठन को मजबूत करना और आगामी चुनावों के लिए पार्टी की स्थिति को और सशक्त बनाना होगा।
यह खबर भी पढ़ें
Rekha Gupta Delhi CM: PM की राय से दिल्ली की CM बनी रेखा गुप्ता, 27 साल बाद बीजेपी की वापसी
maharashtra politics :फडणवीस-शिंदे के बीच टकराव चरम पर , एक-दूसरे का सामना करने तक से भी बच रहे हैं
रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला अचानक नहीं हुआ
दिल्ली में रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे गहरी राजनीतिक रणनीति, लंबा मंथन और कई बड़े नेताओं की सिफारिशें शामिल थीं। बीजेपी की रणनीति फिर से काम कर गई और एक महिला नेता को आगे लाकर पार्टी ने अपने भविष्य की राजनीति के संकेत दे दिए हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रेखा गुप्ता इस जिम्मेदारी को कितनी मजबूती से निभा पाती हैं और क्या वह दिल्ली में बीजेपी की पकड़ को और मजबूत कर पाएंगी?















Leave a Reply