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बलात्कार के गंभीर मामले में एक दिन में जांच निपटाई! — आरोपी शिक्षकों को बचाने का आरोप, पीड़िता ने पुलिस पर उठाए सवाल

बुलढाणा (वसीम शेख अनवर)।

मलकापुर के नूतन विद्यालय में पढ़ने वाले एक छात्र को नंबर दिलाने के नाम पर उसकी मां के साथ लगातार बलात्कार करने वाले दो शिक्षकों के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। पीड़िता ने मामले की जांच कर रहे सहाय्यक पुलिस निरीक्षक गजानन कौळासे पर आरोप लगाया है कि उन्होंने आरोपी शिक्षकों से आर्थिक व्यवहार कर जांच को दबाने की कोशिश की।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बलात्कार जैसे गंभीर अपराध की जांच महज एक ही दिन में पूरी बताकर दोनों आरोपी शिक्षकों समाधान इंगले और अनिल घाटे को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

एक दिन में बलात्कार की जांच — किसके दबाव में?
22 अप्रैल को एफआईआर दर्ज हुई और 23 अप्रैल को आरोपी कोर्ट में पेश कर दिए गए। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि “पूरी जांच” हो चुकी है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जाए। सवाल यह है कि क्या बलात्कार जैसे जघन्य अपराध की निष्पक्ष और गहन जांच महज 24 घंटे में संभव है? पीड़िता का आरोप है कि जांच अधिकारी ने आरोपियों से समझौता कर, मामले को कमजोर करने का प्रयास किया।

थानेदार पर भी संदेह की सुई:
थानेदार गणेश गिरी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। गिरी ने स्वयं मीडिया को जानकारी दी कि 22 को एफआईआर हुई और 23 को आरोपी जेल भेज दिए गए। क्या थानेदार को यह नजर नहीं आया कि इतनी गंभीर जांच इतनी जल्दी कैसे पूरी हो सकती है?

पीड़िता की मांग:
पीड़िता ने जिला पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि—

जांच अधिकारी गजानन कौळासे को हटाकर स्वतंत्र जांच करवाई जाए।

दोनों आरोपियों को फिर से पुलिस हिरासत में लेकर सख्त पूछताछ की जाए।

दोषी पुलिस अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई कर निष्पक्षता बहाल की जाए।

क्या बोले पुलिस अधीक्षक?
सूत्रों के अनुसार, जिला पुलिस अधीक्षक ने शिकायत को गंभीरता से लिया है और जल्द ही उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए जाने की संभावना है।

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