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“बहुसंख्यकों के हिसाब से चलेगा कानून” और “कठमुल्ला” जैसे शब्द बोलकर  बुरे फंसे जस्टिस शेखर यादव

Justice Shekhar Yadav

By PRAYAGRAJ BUREAU, Newsfirst24.in

Published: December10, 2024, 05:22 PM

बहुसंख्यकों के हिसाब से चलेगा कानून और कठमुल्ला जैसे बातें बोलकर बुरे फंसे जस्टिस शेखर यादव

Justice Shekhar Yadav in trouble after using words like “Law will be run as per majority” and “fanatic”

प्रयागराज। देश का कानून बहुसंख्यकों के हिसाब से चलेगा क्योंकि घर या फिर समाज में भी बहुमत की राय को ही माना जाता है। इसी तरह अपने बयान में एक वर्ग विशेष को कठमुल्ला जैसे शब्द प्रयोग करने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस शेखर यादव बुरी तरह फंस गए है।

जस्टिस शेखर कुमार यादव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद की लीगल सेल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में यह बयान दिया था। इसी समारोह में अल्पसंख्यक वर्ग के लिए ‘कठमुल्ला’ शब्द का भी प्रयोग किया था। इसे लेकर तमाम वकीलों समेत लीगल प्रोफेशन की हस्तियों ने ही आपत्ति जताई है कि आखिर एक जज कैसे इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर सकता है।

अखबारों की खबरों का संज्ञान लिया

बहुसंख्यकों के हिसाब से चलेगा कानून और कठमुल्ला जैसे बातें बोलकर बुरे फंसे जस्टिस शेखर यादव

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने अखबारों में छपी रिपोर्ट्स का संज्ञान लिया है। इसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय से शेखर कुमार यादव के बयान से जुड़ी चीजें भेजने को कहा है। इस मामले में कैंपेन फॉर जुडिशियल अकाउंटेबिलिटी ऐंड रिफॉर्म्स (CJAR) नाम की संस्थान ने जस्टिस शेखर कुमार यादव के खिलाफ चीफ जस्टिस संजीव खन्ना को पत्र भी लिखा है।

इसमें कहा गया है कि जस्टिस यादव ने जिस तरह का बयान दिया है, वह अक्षम्य और अवांछनीय है। लेटर में लिखा गया, ‘ऐसे बयान से आम नागरिकों के मन में न्यायपालिका की स्वायत्ता और निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा होता है। ऐसे में इस मामले में आपकी ओर से ऐक्शन की जरूरत है।’

कपिल सिब्बल ने कहा- राजनेता भी ऐसी बात नहीं करते हैं

बहुसंख्यकों के हिसाब से चलेगा कानून और कठमुल्ला जैसे बातें बोलकर बुरे फंसे जस्टिस शेखर यादव

इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस शेखर कुमार यादव के विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक कार्यक्रम में दिए गए बयान पर राज्यसभा के सांसद और वकील कपिल सिब्बल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ये भारत को तोड़ने वाली बात है।

राजनेता भी ऐसी बात नहीं करते हैं और वो तो संविधान की रक्षा के पद पर बैठे हैं। उनको ये शब्द शोभा नहीं देते हैं। कपिल सिब्बल ने कहा, “ऐसे बयान देने वाले जज की नियुक्त कैसे होती है. ऐसे बयान देने की लोगों की हिम्मत कैसे होती है. ये 10 साल में ही क्यों हो रहा है।

कुछ लोग हैं जो ऐसे बयान देते हैं और इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो जाते हैं. इसके बाद राज्यसभा सदस्य बन जाते हैं. मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट को सख्त कदम उठाने चाहिए और उस शख्स को कुर्सी पर नहीं बैठने देना चाहिए. एक भी केस उसके पास नहीं जाना चाहिए.”

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महाभियोग प्रस्ताव लाएंगे कपिल सिब्बल

कपिल सिब्बल ने कहा कि दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा, जावेद अली, मोहन झा, सीपीएम पार्टी आदि से चर्चा हुई है और हम लोग जल्द से जल्द मिलेंगे और जज के खिलाफ महाभियोग प्रस्‍ताव लाएंगे और कोई रास्ता बचा नहीं है।

जो भी लोग लोग न्यायपालिका की स्वतंत्रता में विश्वास करते हैं, वे सारे लोग हमारे साथ आएंगे। ये पक्ष-विपक्ष की बात नहीं है, ये न्यायपालिका की स्वतंत्रता की बात है तो पीएम, गृह मंत्री और सत्ता में बैठे लोग हमारा साथ दें, क्योंकि अगर वो नहीं देंगे तो लगेगा कि वो जज के साथ हैं, क्योंकि कोई ऐसा नहीं कर सकता. कोई नेता भी ऐसा बयान नहीं दे सकता है तो एक जज कैसे दे सकता है।

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