रवि आर्य
महाशिवरात्रि महोत्सव: शिव-पार्वती विवाह की भव्य झांकी, शिवभक्तों ने की पुष्पवर्षा
गोंदिया। देवों के देव महादेव और माता पार्वती के विवाह महोत्सव पर महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर गोंदिया में भव्य शिव बारात निकाली गई। रामनगर स्थित राम मंदिर से प्रारंभ इस दिव्य यात्रा में शिवभक्तों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया। आयोजनकर्ता महाकाल भक्त परिवार, मां नर्मदा भजन मंडल, श्री गणेश उत्सव समिति, श्री राम गौ सेवा समिति एवं श्री राम प्रभात शाखा के संयुक्त तत्वावधान में इस अलौकिक बारात का आयोजन हुआ।
भक्ति और परंपरा को सजीव करने के लिए विशेष रूप से विवाह पत्रिका छपवाई गई और नगरवासियों को आमंत्रण भेजा गया। दो दिवसीय आयोजन में 25 फरवरी को मागरमाटी, मेहंदी रस्म और भजन संध्या का आयोजन हुआ, जबकि 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन प्रातः रुद्राभिषेक पूजन और सायं शिव बारात निकाली गई।
भूत-पिशाचों संग झूमी बारात, औघड़ नृत्य बना आकर्षण का केंद्र
शाम 6 बजे जैसे ही राम मंदिर से ढोल-ताशे, बैंड-बाजे और डीजे की धुनों पर बोल बम, हर हर महादेव के उद्घोष के साथ शिव बारात निकली, पूरा नगर शिवमय हो गया। देवता, ऋषि-मुनि, महात्मा और भक्तगण इस अद्भुत झांकी में शामिल हुए।
बारात के दौरान जगह-जगह शिवभक्तों ने आरती उतारी और पुष्पवर्षा की। आधा दर्जन से अधिक भव्य झांकियों ने इस आयोजन की शोभा बढ़ाई। लेकिन सबसे अधिक ध्यान खींचा औघड़ नृत्य और शिव तांडव ने। नरमुंडों की माला पहने अघोरी कलाकारों की नृत्य प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भूत-पिशाचों का नृत्य और शिवभक्तों का उत्साह पूरे माहौल को शिवमय बना रहा।
बारात में भगवान शिव दूल्हे के रूप में रथ (बग्घी) पर सवार होकर नगरवासियों को आशीर्वाद देते चले।
शिव-पार्वती विवाह की वैदिक रस्में, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा नगर
बारात रेलवे माल धक्का, रेलवे स्टेशन रोड, कालेखां चौक, रेलटोली गुरुद्वारा, गुजराती स्कूल, पाल चौक से होते हुए पुनः रामनगर के राम मंदिर पहुंची। यहां बारात का भव्य आतिशबाजी और जयघोष के साथ स्वागत किया गया।
इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शिव-पार्वती विवाह की रस्में संपन्न हुईं। मंडप में पवित्र अग्नि के समक्ष भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई। विवाह के पश्चात श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।
इस भव्य आयोजन ने धार्मिक आस्था को नई ऊर्जा दी और शिवभक्ति की अद्भुत छटा बिखेरी। आयोजन समिति के अनुसार, यह पर्व श्रद्धा और एकता का प्रतीक बना, जो आने वाले वर्षों में और भी भव्य रूप लेगा।
संक्षेप में:
✔ भव्य शिव बारात, शहरभर में निकाली गई झांकी
✔ औघड़ नृत्य और भूत-पिशाच झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
✔ शिवभक्तों ने आरती उतारी, पुष्पवर्षा कर किया स्वागत
✔ राम मंदिर में वैदिक विधि से शिव-पार्वती विवाह संपन्न
✔ शहरवासियों ने हर-हर महादेव के जयघोष के साथ उत्सव मनाया
(रिपोर्ट: रवि आर्य, गोंदिया)











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