- महाकुंभ 2025: आस्था, अर्थव्यवस्था और संस्कृति का संगम
- 2013 के मुकाबले तीन गुना अधिक आएंगे श्रद्धालु
By प्रेम उपाध्याय, Newsfirst24.in
Published: December 07, 2025, 04:48 PM
Maha Kumbh 2025: This time a huge crowd of 45 crore devotees, markets also decorated

प्रयागराज। प्रयागराज में आयोजित होने वाला महाकुंभ 2025, भव्यता और आस्था का अद्वितीय उदाहरण बनने जा रहा है। इस बार 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जो 2013 के 12 करोड़ श्रद्धालुओं की तुलना में तीन गुना अधिक है। इस महासंगम के लिए 40 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को सजाकर तैयार किया गया है, जहां आस्था के साथ भव्यता का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा।
स्थानीय व्यापार को मिलेगा नया आयाम
महाकुंभ न केवल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। स्थानीय व्यापार मंडल को इस आयोजन से गजब का प्रोत्साहन मिलेगा। बनारसी साड़ियों की नक्काशी, मिर्जापुर की कालीन की भव्यता, और खादी वस्त्र उद्योग के अनूठे उत्पादों की मांग में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है। इन सभी क्षेत्रों में होने वाली बिक्री न केवल स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों की आय बढ़ाएगी, बल्कि प्रयागराज की आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि को भी नई दिशा देगी।
होटल और ठहरने की व्यवस्था

शहर के ज्यादातर होटल, रिसॉर्ट और धर्मशालाएं फरवरी 2025 तक पूरी तरह बुक हो चुकी हैं। स्थानीय पंडों और पुरोहितों ने श्रद्धालुओं के लिए पहले ही कई ठहरने के स्थान आरक्षित कर लिए हैं। सरकार ने वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि श्रद्धालु अन्य ठहरने के विकल्प आसानी से खोज सकें।
सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान
महाकुंभ के लिए उत्तर प्रदेश सरकार 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्च कर रही है। भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और एयरपोर्ट पर विशेष कमांडोज तैनात किए गए हैं। मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अभेद किले जैसा मजबूत बनाया गया है। वीआईपी और वीवीआईपी के लिए एडवायजरी जारी की गई है कि वे मुख्य स्नान पर्व के दौरान प्रयागराज आने से बचें।
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महाकुंभ: आस्था और समृद्धि का पर्व

महाकुंभ 2025 सिर्फ आस्था का संगम नहीं है, बल्कि यह प्रयागराज और उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नया आयाम देने का अवसर भी है। स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों को इससे अनमोल मौका मिलेगा, और यह आयोजन पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की झलक प्रस्तुत करेगा। महाकुंभ न केवल श्रद्धालुओं, बल्कि पर्यटकों और व्यापारियों के लिए भी अविस्मरणीय अनुभव बनने वाला है।















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