By प्रेम उपाध्याय, Newsfirst24.in
Published: December 26 , 2024, 06:59 PM
Mahakumbh 2025: Yogiji, look at the dirty Ganga! Ground reality of Prayagraj before Mahakumbh
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 2025 में आयोजित होने वाले महाकुंभ को सरकार अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दावा है कि इस बार संगम का जल आचमन योग्य, यानी पीने योग्य होगा। लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। प्रशासन की लापरवाही और गलत रिपोर्टिंग ने न सिर्फ सरकार को भ्रमित किया है, बल्कि गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों की दुर्दशा को भी अनदेखा किया है।
जमीनी हकीकत: गंगा को जहरीला बना रहा प्रदूषण

प्रयागराज में गंगा और यमुना में 10 से अधिक नाले बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे गिर रहे हैं। यह सिलसिला वर्षों से चल रहा है, लेकिन सरकार और प्रशासन ने इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। केवल प्रयागराज ही नहीं, गंगा के किनारे उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 200 से अधिक नाले सीधा गंगा में बह रहे हैं। कानपुर की फैक्ट्रियों से निकलने वाला खतरनाक अपशिष्ट बिना उपचार के गंगा को जहरीला बना रहा है। ये सब सरकार और प्रशासन की खुली नाकामी का प्रतीक हैं।
भ्रामक रिपोर्ट और प्रशासनिक धोखा
गंगा सफाई को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कई दौरों और घोषणाओं के बावजूद प्रशासन उन्हें झूठी और भ्रामक रिपोर्ट सौंप रहा है। इस धोखाधड़ी का नतीजा यह है कि गंगा और यमुना दोनों ही जहरीले नालों और अपशिष्ट से दम तोड़ रही हैं।
श्मशान घाटों और यमुना की दुर्दशा
प्रयागराज में गंगा-यमुना के किनारे स्थित दर्जनों श्मशान घाट नदी को और प्रदूषित कर रहे हैं। यमुना की हालत और भी बदतर है। दिल्ली से निकलने के बाद यमुना केन और बेतवा के साथ सैकड़ों जहरीले नालों से भर जाती है। साफ पानी के बजाय इन नदियों में अब केवल अपशिष्ट और औद्योगिक कचरा बह रहा है।
महाकुंभ 2025: तैयारी या ढकोसला?
महाकुंभ 2025 के लिए सरकार 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का दावा कर रही है। संगम पर टेंट सिटी का निर्माण तो जोरों पर है, लेकिन गंगा और यमुना की सफाई को लेकर ठोस कार्रवाई का अभाव साफ दिखता है। श्रद्धालुओं को आचमन योग्य जल का वादा करना तब तक एक मजाक ही है, जब तक नदियों में सीवेज और कचरा गिरना बंद नहीं होता।
यह खबर भी पढ़ें
महाराष्ट्र की सीमा पर सड़कों में घूमते दिख रहे हैं बाघ, देखें वीडियो
राह चलती महिलाओं की चेन खींचने वाला गिराेह सक्रिय, देखें वीडियो कैसे हो रही वारदात
मानखुर्द मेट्रो साइट पर काम कर रहा था इंटरनेशनल संगठन से जुड़ा आतंकी
सरकार और प्रशासन के लिए चेतावनी
गंगा और यमुना केवल नदियां नहीं हैं; वे करोड़ों भारतीयों की आस्था और जीवन रेखा हैं। अगर प्रशासन और सरकार अपनी नाकामी से नहीं जागे, तो यह न केवल पर्यावरणीय संकट को बढ़ाएगा, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर भी एक गहरी चोट होगी। सरकार को दिखावटी घोषणाओं और प्रचार से बाहर आकर जमीनी सच्चाई का सामना करना होगा। यदि नदियों की सफाई और संरक्षण के लिए कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो यह महाकुंभ एक ऐतिहासिक आयोजन नहीं, बल्कि एक शर्मनाक असफलता बनकर रह जाएगा।
सरकार और प्रशासन को अब गंभीरता से अपने कार्यों का आत्ममंथन करना चाहिए। यह समय चेतने और जिम्मेदारी निभाने का है, वरना इतिहास उन्हें इस पवित्र धरोहर के विनाश का दोषी ठहराएगा।















Leave a Reply