13 साल से अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन, अब नहीं मिलेगा प्रमाण-पत्र
By कैलाश सुंगधी, Newsfirst24.in
Published: February 23, 2025, 01:21 PM
नागपुर। मनपा अग्निशमन विभाग ने मेडिट्रिना अस्पताल को असुरक्षित घोषित करते हुए 18 फरवरी तक इमारत खाली करने का आदेश दिया है। अस्पताल प्रशासन पर 13 साल से अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन न करने का आरोप है।
मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने 12 फरवरी को अस्पताल को नोटिस जारी कर एक महीने में अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का निर्देश दिया था, अन्यथा पंजीयन रद्द करने की चेतावनी दी थी। लेकिन अब अग्निशमन विभाग ने इसे असुरक्षित घोषित कर दिया है, जिससे प्रमाण-पत्र का रास्ता भी बंद हो गया है।
गंभीर लापरवाही के आरोप
मेडिट्रिना अस्पताल को 2012 में नर्सिंग होम पंजीयन प्रमाण-पत्र दिया गया था, लेकिन तब से जरूरी अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र नहीं लिया गया। अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 29 आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपायों की कमी है।
अनधिकृत निर्माण और ऑक्सीजन संयंत्र के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का अस्पताल के पिछले हिस्से और किनारों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, छत पर अवैध रूप से रसोई और स्टोर रूम बनाया गया है, जबकि बेसमेंट पार्किंग को जनरेटर और अन्य उपकरणों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
विधायक विकास ठाकरे की शिकायत पर हुई कार्रवाई
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विधायक विकास ठाकरे ने 1 जनवरी 2025 को अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद 9 जनवरी को अग्निशमन विभाग ने नोटिस भेजा। 17 जनवरी को धरमपेठ जोन ने डॉ. सेलोकर को अनियमितताओं की जानकारी दी। इसके बाद ठाकरे ने मनपा अधिकारियों की लापरवाही की शिकायत पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से की, जिसके चलते 12 फरवरी को बैठक बुलाई गई। इससे पहले, 23 दिसंबर 2020 को भी ठाकरे ने अस्पताल का पंजीयन रद्द करने की मांग की थी।
मनपा अधिकारियों पर भी उठे सवाल
विकास ठाकरे ने इस मामले में मनपा के संबंधित अधिकारियों को दोषी ठहराया है। उनका आरोप है कि इतनी गंभीर लापरवाही के बावजूद अस्पताल का पंजीयन लगातार नवीनीकृत किया जाता रहा। अब जब अग्निशमन विभाग ने इसे असुरक्षित घोषित कर दिया है, तो मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए जल्द कार्रवाई की जरूरत होगी।











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