By धम्मशील सावंत
Published: march 10, 2025, 04:11 PM
रायगड। महाराष्ट्र राज्य के छोटे-बड़े ठेकेदारों (कॉन्ट्रैक्टर्स) द्वारा किए गए विभिन्न विकास कार्यों के भुगतान बीते छह महीनों से रुके हुए हैं, जिससे उनका व्यवसाय आर्थिक संकट में फंस गया है। भुगतान न मिलने के कारण कई ठेकेदारों पर कर्ज का बोझ बढ़ गया है और अब स्थिति ऐसी हो गई है कि आत्महत्या करने तक की नौबत आ रही है। इसी को लेकर आज रायगड जिले के सैकड़ों ठेकेदारों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकाला और अपने बकाया भुगतान को तुरंत मंजूर करने के लिए ज्ञापन सौंपा।
लाडकी बहिण योजना बनी ठेकेदारों के लिए संकट
ठेकेदारों का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार की लाडकी बहिण योजना के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये का फंड डायवर्ट कर दिया है, जिससे विकास कार्यों के लिए किए गए ठेकेदारों के भुगतान लटक गए हैं। ठेकेदारों का आरोप है कि पिछले छह महीनों से उनके बिल पास नहीं किए जा रहे हैं, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
एक ठेकेदार ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा –
“हमने पुल, सड़क, नाली, सरकारी इमारतों के निर्माण जैसे कई महत्वपूर्ण काम किए, लेकिन आज तक हमें एक भी रुपये का भुगतान नहीं मिला। हमारे परिवार का गुजारा भी मुश्किल हो रहा है। यदि सरकार ने जल्द ही भुगतान नहीं किया तो हमें आत्महत्या करने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।”
भुगतान में देरी से ठेकेदारों पर कर्ज का दबाव बढ़ा
रायगड जिले के ठेकेदारों ने बताया कि जब उन्होंने सरकारी टेंडर के तहत विभिन्न निर्माण कार्यों को पूरा किया था, तब उन्हें आश्वासन दिया गया था कि निर्धारित समयसीमा के भीतर भुगतान किया जाएगा। लेकिन अब छह महीने बीत चुके हैं और उनके बिलों का भुगतान अब तक नहीं हुआ है।
इससे स्थिति यह हो गई है कि –
- बैंक से लिया गया कर्ज बढ़ गया है।
- कई ठेकेदारों पर मजदूरों का बकाया भुगतान रुका पड़ा है।
- घर खर्च चलाना तक मुश्किल हो गया है।
- कई ठेकेदारों ने आत्महत्या तक करने की बात कही है।
एक ठेकेदार ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा –
“हमने अपनी जमीन गिरवी रखकर ठेका लिया और काम पूरा किया। अब सरकार हमारा भुगतान रोककर हमें कंगाल बना रही है। अगर जल्द भुगतान नहीं मिला तो हमें आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ेगा।”
आंदोलन के दौरान जिलाधिकारी कार्यालय पर फूटा आक्रोश
आज रायगड जिले के सैकड़ों छोटे-बड़े ठेकेदारों ने एकत्रित होकर जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकाला। उनके हाथों में ‘बकाया भुगतान दो’, ‘ठेकेदारों को आत्महत्या के लिए मजबूर मत करो’, ‘सरकार की नींद तोड़ो’ जैसे पोस्टर और बैनर थे।
आंदोलनकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।
“हमने दिन-रात मेहनत करके सरकारी काम पूरे किए, लेकिन अब सरकार हमारी मेहनत की कमाई का भुगतान नहीं कर रही है। इससे हमारे घरों में चूल्हा जलाना तक मुश्किल हो गया है।”
आंदोलन के दौरान ठेकेदारों ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि –
- यदि सरकार ने जल्द से जल्द भुगतान नहीं किया तो वे आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएंगे।
- सरकार को बिल भुगतान में हो रही देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
- लाडकी बहिण योजना के फंड के लिए ठेकेदारों के भुगतान को रोका जाना अन्याय है।
जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, तत्काल भुगतान की मांग
मोर्चे के अंत में ठेकेदारों ने रायगड जिलाधिकारी कार्यालय में पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने अपनी प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि –
- पिछले छह महीनों से रुके हुए सभी बिलों का तत्काल भुगतान किया जाए।
- लाडकी बहिण योजना के फंड के लिए ठेकेदारों के भुगतान को रोका गया है, उसे तुरंत जारी किया जाए।
- यदि बिल भुगतान में और अधिक देरी हुई तो ठेकेदार आत्महत्या करने को मजबूर होंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
लाडकी बहिण योजना के कारण फंसे करोड़ों के भुगतान
ठेकेदारों ने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा चलाई जा रही लाडकी बहिण योजना के लिए करोड़ों रुपये के फंड को डायवर्ट किया गया है, जिससे उनके भुगतान को रोका गया है।
“सरकार चुनाव से पहले लाडकी बहिण योजना को सफल बनाने के लिए ठेकेदारों का पैसा रोक रही है, ताकि योजना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा सके। यह पूरी तरह अन्याय है।”
इस दौरान ठेकेदारों ने कहा कि यदि जल्द से जल्द भुगतान नहीं मिला तो –
- वे मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर आमरण अनशन करेंगे।
- प्रदर्शन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
- ठेकेदारों के परिवार भूखे मरने की कगार पर हैं, इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
ठेकेदारों के पास नहीं बचा गुजारा करने का पैसा
मोर्चे में शामिल एक ठेकेदार ने रोते हुए कहा कि –
“मैंने अपनी जमीन गिरवी रखकर यह ठेका लिया था। अब मेरे बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। बैंक का कर्ज चुकाने के लिए मेरे पास पैसे नहीं हैं। मेरे परिवार के लोग भूख से मरने की कगार पर हैं। यदि सरकार ने जल्द भुगतान नहीं किया तो मैं आत्महत्या करने को मजबूर हो जाऊंगा।”
जिलाधिकारी ने दिया आश्वासन, मामला सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा
जिलाधिकारी कार्यालय में ठेकेदारों का ज्ञापन सौंपने के बाद रायगड जिलाधिकारी ने ठेकेदारों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को राज्य सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा। साथ ही वित्तीय विभाग से जल्द से जल्द बिलों का भुगतान करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
हालांकि, ठेकेदारों ने जिलाधिकारी के आश्वासन से असंतुष्ट होकर यह साफ किया कि –
“यदि हमें 15 दिनों के भीतर भुगतान नहीं मिला तो हम जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अनशन करेंगे और सरकार को जवाब देना होगा।”
ठेकेदारों की मांगें
- पिछले छह महीनों से रुकी सभी बकाया राशि का तुरंत भुगतान किया जाए।
- लाडकी बहिण योजना के लिए ठेकेदारों के बिलों का भुगतान रोकना बंद किया जाए।
- यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
सरकार के खिलाफ और बढ़ सकता है आंदोलन
ठेकेदारों ने साफ कहा कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर सरकार ने उनके बिलों का भुगतान नहीं किया, तो वे –
- मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने अनशन करेंगे।
- राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।
- यदि कोई ठेकेदार आत्महत्या करता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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अब सरकार पर दबाव बढ़ा
रायगड में हुए इस बड़े आंदोलन के बाद अब महाराष्ट्र सरकार पर ठेकेदारों के भुगतान को लेकर भारी दबाव बन गया है। यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।
✅ क्या सरकार अब ठेकेदारों के बिलों का भुगतान करेगी?
✅ क्या आत्महत्या से पहले ठेकेदारों को न्याय मिलेगा?
✅ या फिर सरकार चुनाव प्रचार में ठेकेदारों की बली चढ़ा देगी?
👉 अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।











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